अडानी ग्रुप ने श्रीलंका के निवेश बोर्ड (BOI) को बुधवार को एक पत्र लिखा। इसमें उन्होंने सरकार के रुख का सम्मान करते हुए प्रोजेक्ट से हटने का ऐलान किया। इसमें लिखा है कि सरकार के साथ कोई अनबन नहीं है। बस कुछ बातों पर सहमति नहीं बन पाई।
क्या थी समझौते में बात?
श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके (Anura Kumara Dissanayake) की सरकार ने कुछ समय पहले अडानी ग्रुप के साथ बिजली खरीद समझौता रद्द कर दिया था। श्रीलंका को कम कीमत पर बिजली चाहिए थी। इसलिए नया समझौता करने की बात चल रही थी।क्या कहा अडानी ने?
12 फरवरी के एक पत्र में कंपनी ने यह भी कहा कि इस प्रोजेक्ट से हटने के बावजूद वे भविष्य में श्रीलंका सरकार के साथ विकास के मौकों पर काम करने को तैयार हैं। अडानी ग्रुप श्रीलंका सरकार के साथ रिश्ते खराब नहीं करना चाहता। इसलिए ग्रुप सम्मानपूर्वक इस प्रोजेक्ट से हटना पसंद करेगा।
कैसी है शेयर की स्थिति?
इस फैसले के बाद गुरुवार को अडानी पावर के शेयर में गिरावट आई। एक दिन पहले बुधवार को यह शेयर 501.60 रुपये पर बंद हुआ था। गुरुवार को यह बढ़त के साथ 503.95 रुपये पर खुला। कुछ ही देर बाद यह 506.10 रुपये पर पहुंच गया था, लेकिन बाद में गिरावट शुरू हो गई।दोपहर 1:30 बजे तक यह शेयर लाल निशान पर आ गया था। इस समय यह शेयर मामूली गिरावट के साथ 501.30 रुपये पर आ गया था। इस शेयर में पिछले एक महीने में 11 फीसदी से ज्यादा की तेजी आई है। हालांकि 6 महीने में इसमें 27 फीसदी से ज्यादा की गिरावट भी दर्ज की गई है।











