गुरु पूर्णिमा पर दादाजी धाम में उमड़ा आस्था का सैलाब, 16 वर्ष पुराने त्रिवेणी वृक्ष का हुआ पूजन

गुरु पूर्णिमा पर दादाजी धाम में उमड़ा आस्था का सैलाब, 16 वर्ष पुराने त्रिवेणी वृक्ष का हुआ पूजन
भोपाल। रायसेन रोड, पटेल नगर स्थित जागृत एवं दर्शनीय तीर्थ स्थल दादाजी धाम मंदिर में बुधवार को गुरु पूर्णिमा महोत्सव श्रद्धा,भक्ति एवं धार्मिक उल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर श्री दादाजी गुरुदेव का विशेष अभिषेक, गुरु पूजन एवं आरती, श्री विष्णु सहस्रनाम पाठ तथा 16 वर्ष पुराने त्रिवेणी वृक्ष का विशेष पूजन किया गया। महोत्सव में देश के विभिन्न शहरों से पहुंचे श्रद्धालुओं ने गुरु चरणों में अपनी श्रद्धा अर्पित की।
महोत्सव का शुभारंभ भगवान श्री गणेश के पूजन से हुआ। इसके बाद मंदिर में विराजमान देवी-देवताओं एवं संत-महात्माओं का विधि-विधान से पूजन किया गया। संत श्री वेदव्यास जी एवं श्री धूनी वाले दादाजी (साईंखेड़ा-खंडवा वाले) का विशेष पूजन तथा श्री दादाजी गुरुदेव साईंखेड़ा वालों की समाधि स्थल पर अभिषेक, गुरु पूजन एवं आरती संपन्न हुई।
त्रिवेणी वृक्ष बना आस्था और पर्यावरण संरक्षण का संदेश गुरु पूर्णिमा के अवसर पर श्री दादाजी गुरुदेव साईंखेड़ा वालों द्वारा वर्ष 2010 में लगाए गए 16 वर्ष पुराने त्रिवेणी वृक्ष का विशेष पूजन किया गया। पंडित जी के मार्गदर्शन में श्रद्धालुओं ने वृक्ष पूजन एवं परिक्रमा की। त्रिवेणी वृक्ष भारतीय आध्यात्मिक परंपरा में पवित्रता, जीवन एवं प्रकृति के संतुलन का प्रतीक माना जाता है। दादाजी धाम में स्थापित यह वृक्ष गुरु परंपरा के साथ पर्यावरण संरक्षण की प्रेरणा भी दे रहा है। श्रद्धालुओं को वृक्ष लगाने एवं उनकी रक्षा करने का संकल्प दिलाया गया।
दोपहर 2 बजे श्री विष्णु सहस्रनाम पाठ एवं आरती का आयोजन हुआ। वहीं, श्री श्री 1008 श्री दादाजी गुरुदेव चैरिटेबल ट्रस्ट एवं मंदिर व्यवस्था समिति तथा भक्तों के सहयोग से दोपहर 1 बजे से शाम 6 बजे तक इको-फ्रेंडली विशाल भंडारा आयोजित किया गया। भंडारे में हजारों श्रद्धालुओं ने महाप्रसादी ग्रहण की। आयोजन में प्लास्टिक एवं एकल-उपयोग वाली सामग्री से बचते हुए पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छता का संदेश दिया गया।
ट्रस्ट अध्यक्ष शिवरतन नामदेव ने कहा कि गुरु पूर्णिमा गुरु के प्रति श्रद्धा, समर्पण एवं कृतज्ञता व्यक्त करने का पावन पर्व है। भारतीय संस्कृति में गुरु परंपरा ज्ञान, संस्कार और सद्मार्ग की प्रेरणा देने वाली अमूल्य धरोहर है। गुरु के प्रति श्रद्धा के साथ प्रकृति एवं पर्यावरण की सेवा करना भी हमारी जिम्मेदारी है।
इस अवसर पर ट्रस्ट के सचिव धनंजय बोरकर, कोषाध्यक्ष अखिलेश श्रीवास्तव, ट्रस्टी शशि कुमार गुप्ता, मनोज मोहन, जीवन नामदेव, अनीता, अर्चना नामदेव, राजेंद्र चक्रवर्ती सहित मंदिर व्यवस्था समिति के सदस्य एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
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