यात्रा के दौरान रात में ठीक से नहीं सो पाने के कारण झपकी आई
घटना के संबंध में मिली जानकारी के अनुसार मनोज करमाली जम्मूतवी-टाटा-संबलपुर एक्सप्रेस के एक सामान्य श्रेणी के बोगी में दरवाजे के पास बैठा था। रात भर की यात्रा के दौरान सीट नहीं मिलने के कारण वो ठीक से सो नहीं पाया था। सुबह में कुछ क्षण तेज हवा के झोंके में अचानक उसे झपकी आ गई। लेकिन उसने अपनी आंखें खोली तो खुद को पानी में पाया। बोगी की खड़खड़ाहट, ट्रेन और सभी यात्री गायब हो चुके थे।
रेल अधिकारियों ने बताया कि यात्री की लापरवाही के कारण एक बड़ा हादसा हुआ। हालांकि इस हादसे में सुखद बात ये रही कि 60 फीट की ऊंचाई से गिरने के बावजूद उसकी जान बच गई। यह हादसा भी उस स्थान पर हुआ, जहां नदी में पर्याप्त जलस्तर मौजूद था। यदि किसी पत्थरीले या जंगल-झाड़ के इलाके में यह हादसा होता, तो यात्री की मुश्किलें बढ़ सकती थी। बाद में रेल यात्री दूसरी ट्रेन से अपने घर के लिए रवाना हुआ।
नदी में जलस्तर रहने के कारण बच गई जान
रेल अधिकारियों ने बताया कि यात्री की लापरवाही के कारण एक बड़ा हादसा हुआ। हालांकि इस हादसे में सुखद बात ये रही कि 60 फीट की ऊंचाई से गिरने के बावजूद उसकी जान बच गई। यह हादसा भी उस स्थान पर हुआ, जहां नदी में पर्याप्त जलस्तर मौजूद था। यदि किसी पत्थरीले या जंगल-झाड़ के इलाके में यह हादसा होता, तो यात्री की मुश्किलें बढ़ सकती थी। बाद में रेल यात्री दूसरी ट्रेन से अपने घर के लिए रवाना हुआ।











