यूपी में 5G इंटरनेट हो सकता है सस्ता, उपलब्धता बढ़ाने की तैयारी... योगी कैबिनेट में आ रहा प्रस्ताव
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01 Aug 2023, 12:57 PM
लखनऊ: उत्तर प्रदेश में अब 5जी इंटरनेट को सस्ता करने की योजना तैयार की गई है। यूपी सरकार की ओर से केंद्र सरकार के केंद्रीय तार मार्ग एक्ट को प्रदेश में लागू करने की तैयारी की गई है। इससे संबंधित आईटी विभाग का प्रस्ताव कैबिनेट में गया है। मंगलवार को होने वाली योगी आदित्यनाथ कैबिनेट की बैठक में इस प्रस्ताव को मंजरी दी जा सकती है। इसके अलावा योगी कैबिनेट नई फार्मा नीति और नई धान खरीद नीति पर भी विचार कर सकती है। शिक्षा सेवा चयन आयोग का गठन के उच्च शिक्षा विभाग की ओर से आए प्रस्ताव को भी कैबिनेट में रखने की योजना है। कैबिनेट में कुछ एक्ट के मसौदे, सीएजी रिपोर्ट और विभागों के प्रस्तावों को पेश करने की तैयारी है।
आईटी विभाग की ओर से केंद्रीय तार मार्ग एक्ट को प्रदेश में लागू करने का निर्णय लिया गया है। इस संबंध में कैबिनेट की बैठक में विचार किया जा सकता है। आईटी विभाग की ओर से तैयार कराए गए प्रस्ताव के तहत, 5जी नेटवर्क देने वाली कंपनियों से ऊर्जा विभाग और नगर निगम की ओर से लगाए जाने वाले खंभों और अन्य सेवाओं के उपयोग पर लिया जाने वाला शुल्क कम किया जाएगा। कुछ वर्गों में इसे खत्म करने की भी तैयारी है। सरकार की इस नीति से 5जी इंटरनेट देने वाली कंपनियों को राहत मिलेगी। इसका लाभ उपभोक्ताओं को शुल्क में कुछ कमी के रूप में मिल सकता है।
पारिवारिक संपत्ति को अपने रक्त संबंधियों को गिफ्ट करने के लिए 5 हजार रुपए के स्टांप शुल्क पर रजिस्ट्री की सुविधा को बढ़ाने का निर्णय लिया गया है। स्टांप विभाग की ओर से इस संबंध में प्रस्ताव कैबिनेट में भेजा गया है। कैबिनेट की बैठक में इस सुविधा को अगले आदेश तक बढ़ाने का फैसला हो सकता है। प्रदेश में इस प्रकार की सुविधा पहले 6 महीनों के लिए दी गई थी। फिर इसे खत्म कर दिया गया था। आगे इसे फिर से शुरू करने का निर्णय लिया गया है। इससे रजिस्ट्री के कार्य में तेजी आने की उम्मीद जताई जा रही है।
योगी कैबिनेट किसानों के फायदे में एक नया एक्ट लाने की तैयारी कर रही है। धान खरीद की नई नीति पर सरकार की ओर से काम किया गया है। कृषि विभाग की ओर से इस एक्ट को कैबिनेट में भेजा गया है। वहां से मंजूरी मिलने के बाद इसे प्रदेश में लागू किया जाएगा। इसके अलावा ताज क्षेत्र में सीवरेज का काम करने के लिए 233 करोड़ के नगर विकास विभाग के प्रस्ताव को भी योगी कैबिनेट मंजूरी दे सकती है। सरकार ने प्रदेश में 7 शहरों में हाउसिंग प्रोजेक्ट शुरू करने का निर्णय लिया है। इस योजना पर एक हजार करोड़ रुपए खर्च होंगे। कैबिनेट इस प्रस्ताव को हरी झंडी दे सकती है। पर्यटक आवास गृह के पीपीपी मॉडल पर विकसित करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी मिल सकती है।