56 प्रोजेक्ट, 40 हजार करोड़ रुपये का MOU, प्रदेश में टॉप पर जिला गाजियाबाद

56 प्रोजेक्ट, 40 हजार करोड़ रुपये का MOU, प्रदेश में टॉप पर जिला गाजियाबाद
गाजियाबाद: जिले को एक और तमगा मिल गया है। इस बार ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-23 में पूरे प्रदेश में निवेश के मामले में यह तमगा मिला है। प्रदेश के 75 जिले में से 59 जिले में प्रॉजेक्ट के लिए एमओयू हुए हैं। इसमें ज्यादातर टाउनशिप विकसित करने के ही है। इसमें गाजियाबाद में सबसे अधिक 40,484 करोड़ रुपये निवेश के 56 प्रॉजेक्ट हैं। राजधानी लखनऊ में 39,269 करोड़ रुपये निवेश के 167 प्रॉजेक्ट हैं। वहीं, पूरे प्रदेश में डेढ़ लाख करोड़ रुपये के निवेश के लिए 863 एमओयू हुए हैं। खास बात यह है कि इसमें से जिले में 21 प्रॉजेक्ट पर काम भी शुरू हो चुका है। इनकी लागत 2793 करोड़ रुपये है। इसमें ग्रुप हाउसिंग के 7, होटल के 5, आवासीय क्षेत्र में निवेश के लेआउट के 3, कॉमर्शियल बिल्डिंग के 2, मल्टीप्लेक्स के 1, नर्सिंग होम के 1, हॉस्पिटल के 1 और स्कूल का 1 प्रॉजेक्ट शामिल है। बाकी प्रॉजेक्ट को धरातल पर लाए जाने की दिशा में प्रयास शुरू कर दिया गया है।


दावा किया जा रहा है कि इससे रियल एस्टेट सेक्टर में एक बार फिर बूम आने की संभावना बढ़ रही है। क्योंकि बेहतर बुनियादी सुविधाओं को देखते हुए अपनी जरूरत को पूरा करने के लिए ग्रामीण क्षेत्र से आबादी शहर की तरफ पलायन कर रही है। ऐसे में शहरों को घरों की मांग बढ़ रही है। लेकिन इस मांग को आवास विकास परिषद से लेकर प्राधिकरण के लेवल पर पूरी नहीं हो पा रही है। इसलिए प्रदेश सरकार ने निजी विकासकर्ताओं को राहत देते हुए अधिक से अधिक निवेश किए जाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। इन प्रॉजेक्टों में निवेश होने से जिले में 50 हजार से अधिक लोगों को रोजगार का भी अवसर मिलेगा।

आरआरटीएस और हाईटेक टाउनशिप का बड़ा निवेश


अधिकारियों की मानें तो इसमें आरआरटीएस के 15 हजार करोड़ रुपये के निवेश को इस साल के लिए रखा है। जबकि बाकी 15 हजार रुपये का निवेश अगले साल के रखा गया है। इसके अलावा हाईटेक टाउनशिप के तहत वेव सिटी और सनसिटी प्रॉजेक्ट का 6 हजार करोड़ रुपये से अधिक निवेश किया जाना है। उनकी संशोधित डीपीआर के तहत अगले फेज के तहत काम होगा। इसमें बड़ी संख्या में लोगों को घर और भूखंड मिलने की उम्मीद है।

काउंटी ग्रुप के डायरेक्टर अमित मोदी की माने तो ग्रुप हाउसिंग और माल मल्टीप्लेक्स में निवेश होने से रियल सेक्टर में बूम होने की पूरी उम्मीद है। जबकि मिगसन ग्रुप के एमडी यश मिगलानी का कहना है कि गाजियाबाद में आवागमन की बेहतरीन सुविधा होने की वजह से अब लोग गाजियाबाद में घर लेना पसंद कर रहे है। इसलिए यहां पर ज्यादा प्रॉजेक्ट लॉन्च किए जा रहे है।

जीडीए को हुई अभी 107.5 करोड़ रुपये की आय


जीडीए के अधिकारियों ने बताया कि नए निवेश के एमओयू होने के बाद जीडीए ने प्रोजेक्ट के नक्शे को पास करके 107.5 करोड़ रुपये की आय हुई। बाकी सभी प्रॉजेक्ट के नक्शा पास किए जाने से जीडीए को 1 हजार करोड़ रुपये से अधिक आय होने की संभावना है। अब धीरे-धीरे सभी प्रॉजेक्ट के नक्शे जमा किए जाएंगे। साथ ही कुछ जगह के लेआउट भी पास करवाया जाएगा।

गाजियाबाद में इन्वेस्टमेंट प्लान (राशि रुपये में):
प्रोसंख्यालागतजीडीए को आय
ग्रुप हाउसिंग71313 करोड़74.46 करोड़
होटल6510 करोड़14.05 करोड़
आवासीय लेआउट3205 करोड़8.03 करोड़
कॉमर्शियल2220 करोड़56 लाख
मल्टीप्लेक्स1100 करोड़1.64 करोड़
नर्सिंग होम125 करोड़27 लाख
हॉस्पिटल1300 करोड़4.81 करोड़
स्कूल1120 करोड़3.68 करोड़

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