कंपनी का मार्केट कैप अब 1,37,167.41 करोड़ रुपये रह गया है। रिलायंस इंडस्ट्रीज (Reliance Industries) ने हाल में अपनी फाइनेंशियल बिजनस को अलग किया था और इसे जियो फाइनेंशियल सर्विसेज लिमिटेड नाम दिया गया है। रिलायंस के शेयरहोल्डर्स को प्रत्येक शेयर पर जेएफएसएल का एक शेयर दिया गया था। 20 जुलाई को प्री-लिस्टिंग में इसकी वैल्यू 261.85 रुपये निकली थी जो ब्रोकरेज कंपनियों के अनुमान से ज्यादा थी। 21 अगस्त को बीएसई पर इसकी लिस्टिंग 265 रुपये पर हुई थी जबकि एनएसई पर यह 262 रुपये पर लिस्ट हुआ था।
30,000 करोड़ स्वाहा मुकेश अंबानी की कंपनी ने लगाया लोअर सर्किट का अनचाहा चौका
नई दिल्ली: जियो फाइनेंशियल सर्विसेज (Jio Financial Services) की सोमवार को लिस्टिंग हुई थी और तबसे उसने एक बार भी तेजी का मुंह नहीं देखा है। कंपनी के शेयरों में गिरावट का दौर आज लगातार चौथे दिन भी जारी रहा। बीएसई पर यह मंगलवार को यह 227.25 परसेंट पर बंद हुआ था और आज 215.90 रुपये पर खुला। भारत और एशिया के सबसे बड़े रईस मुकेश अंबानी (Mukesh Ambani) की इस कंपनी के शेयरों में चार दिन में 20 परसेंट की गिरावट आ चुकी है। चार दिन की गिरावट में कंपनी का मार्केट कैप करीब 30,000 करोड़ रुपये घट चुका है। जानकारों का कहना है कि इंडेक्स फंड्स की बिकवाली के कारण कंपनी के शेयरों में गिरावट आ रही है।
क्यों गिर रहा है शेयर
मगर इंस्टीट्यूशनल और पैसिव फंड्स की भारी बिकवाली के कारण यह लगातार चार दिन से लोअर सर्किट में फंस रहा है। कंपनी के शेयरों को 23 अगस्त को निफ्टी और सेंसेक्स से बाहर किया जाना था लेकिन अब इन्हें 29 अगस्त को ट्रेडिंग शुरू होने से पहले रिमूव किया जाएगा। बीएसई ने एक सर्कुलर में बताया कि अगले दो दिन भी जेएफएसएल का शेयर लोअर सर्किट में फंसता है तो रिमूवल की तारीख और तीन दिन आगे खिसक जाएगी। रिलायंस की 28 अगस्त को एजीएम होनी है जिसमें जियो फाइनेंशियल की बिजनस स्ट्रैटजी का खुलासा हो सकता है।











