एक साल के 3 बच्चे बने जगन्नाथ पुरी के सेवादार, हर साल मिलेंगे 1 से 2 लाख रुपए
भुवनेश्वर: एक साल के 3 बच्चों को प्रसिद्ध जगन्नाथ पुरी मंदिर का सेवादार चुना गया है। बताया जा रहा है कि इन बच्चों को हर साल एक से दो लाख रुपए मिलेंगे। इन बच्चों में बालादेब दशमोहापात्र और एकांशु दशमोहापात्रा की उम्र केवल एक वर्ष के करीब हैं। ये दोनों पुरी में प्रसिद्ध जगन्नाथ मंदिर में पुरोहित सेवा प्रदान करेंगे और 1 से 2 लाख रुपए के बीच एकमुश्त सालाना आय के पात्र बन जाएंगे। इन दोनों बच्चों के साथ उसी उम्र के एक अन्य बच्चे को भी इस सूची में शामिल किया गया है।
पुरी मंदिर में चली आ रही परंपरा
पुरी मंदिर में यह परंपरा काफी पुराने समय से चली आ रही है। वरिष्ठ दैतापति सेवादार और जगन्नाथ मंदिर प्रबंध समिति के एक सदस्य दुर्गा दशमोपात्रा ने हमारे सहयोगी अखबार टीओआई को इस बारे में जानकारी दी। इसके मुताबिक जब दैतापति सेवक के परिवार में एक नर बच्चे का जन्म होता है, तो उसे 15 दिन की अनासार अवधि (रथ यात्रा से 15 दिन) से पहले किसी भी दिन भगवान की सेवा में शामिल किया जाता है। उन्होंने बताया कि 21 दिनों से ज्यादा उम्र वाले बच्चे देवताओं का अनासरा अनुष्ठान शुरू होने पर हमारे समुदाय में शामिल होने के पात्र हैं। रथ यात्रा से 15 दिन पहले लड़कों का औपचारिक प्रवेश किया जाता है, जिसके बाद मंदिर में उनकी सेवा 18 साल की उम्र के बाद शुरू होती है।











