Select Date:

भारतीय नागरिक होने की उम्मीद में दुनिया छोड़ गए 104 साल के चंद्रधर दास

Updated on 15-12-2020 11:56 PM

गुवाहाटी असम में नागरिकता कानून लागू होने और खुद से 'विदेशी' का ठप्पा हटाने की आस लगाए 104 साल के चंद्रधर दास का दिल की बीमारी के बाद निधन हो गया। दो साल पहले उन्हें विदेशियों के लिए बनाए गए डिटेंशन कैंप में रखा गया था, जहां उन्होंने तीन महीने बिताए थे। इसके बाद उन्हें बेल मिल गई थी। बीते दिनों डिमेंशिया और दिल की बीमारी से जूझते दास ने 'विदेशी' के रूप में ही दम तोड़ दिया। रिपोर्ट के मुताबिक, दास की बेटी न्युति वह दिन याद करती हैं, जब उनके भाई के फोन पर चंद्रधर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भाषण सुन रहे थे। पीएम को सुनकर उनके पिता मुस्कुराकर बोले, मोदी आमारा भगवान (मोदी हमारा भगवान है) वह यहां नागरिकता कानून से सबका समाधान निकालेगा। हम सब भारतीय हो जाएंगे। न्युति ने बताया कि उनके पिता को हमेशा यही उम्मीद रही कि एक दिन उन्हें भारतीय नागरिकता मिल जाएगी। वह जहां भी पीएम मोदी के पोस्टर देखते, हाथ जोड़कर नमस्कार करते और सिर झुकाते। उन्होंने बताया, पीएम मोदी से उन्हें बड़ी उम्मीद थी। कानून को बने एक साल हो गए, लेकिन उनके 'भगवान' ने क्या किया? उन्होंने कहा कि वह सिर्फ भारतीय होकर मरना चाहते थे। हमने बहुत कोशिश की। कोर्ट-कोर्ट में भटके। वकीलों से लेकर सामाजिक कार्यकर्ताओं तक से मिले, सभी पेपर्स जमा किए। और फिर वह (चंद्रधर) चले गए। हम अभी भी कानून की नजर में विदेशी हैं। नागरिकता कानून ने हमारे लिए कुछ नहीं किया।

चंद्रधर की मौत पर सियासत भी हो रही है। कांग्रेस सांसद सुष्मिता देव ने दास के परिवार से मुलाकात कर नागरिकता कानून को सिर्फ वोटों के ध्रुवीकरण का एक टूल बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि डिटेंशन कैंप में भेज गए हिंदू बंगालियों की बीजेपी मदद नहीं कर रही है। वहीं बीजेपी सांसद राजदीप राय ने दास के निधन पर सांत्वना देकर कहा कि जो भी हुआ वह दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने सफाई दी कि कोरोना के कारण नागरिकता कानून के लागू होने की प्रक्रिया में देरी हो रही है।

चंद्रधर दास के बेटे गौरांग ने बताया कि वह उन्हें पूर्वी पाकिस्तान से भारत आने की कहानियां सुनाते थे। वहां काफी हत्याएं हो रही थीं, इसकारण वह सीमा पारकर भारत के त्रिपुरा चले आए थे। यह 50-60 के दशक की बात होगी। त्रिपुरा से दास कठिन यात्रा करके असम पहुंचे थे। जीने-खाने के लिए वह मूरी के लड्डू बेचते थे। फिर एक दिन साल 2018 में कुछ अधिकारियों ने उन्हें घर से उठाकर विदेशियों के लिए बने डिटेंशन कैंप में डाल दिया। जून 2018 में दास को जमानत मिल गई, लेकिन उनके परिवार का केस अभी भी कोर्ट में है। परिवार ने बताया कि जीवन के अंतिम दिनों में दास डिमेंशिया के शिकार हो गए थे। वह खाते थे, सोते थे और बहुत कम बात करते थे। जब वह बोलते थे तो अपने केस के बारे में पूछते थे। उन्हें लगता था कि मोदी सरकार ने इस सॉल्व कर लिया होगा। हमें उन्हें यह बताने की हिम्मत नहीं होती थी कि केस अभी टस से मस नहीं हुआ है। दास भारतीय नागरिकता के साथ मरना चाहते थे लेकिन कानून को लागू होने की प्रक्रिया में देरी के कारण वह 'विदेशी' के रूप में ही दुनिया से चले गए।


अन्य महत्वपुर्ण खबरें

 04 November 2024
महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के नामांकन वापसी के आखिरी दिन भाजपा के बागी और पूर्व सांसद गोपाल शेट्टी ने निर्दलीय चुनाव न लड़ने का फैसला किया है। सोमवार सुबह बोरीवली सीट…
 04 November 2024
जम्मू-कश्मीर में सोमवार को विधानसभा सत्र का पहला दिन हंगामे के साथ शुरू हुआ। दरअसल, पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (PDP) के विधायक वाहिद पारा ने अगस्त 2019 में अनुच्छेद 370 को…
 04 November 2024
महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव की वोटिंग से 16 दिन पहले चुनाव आयोग ने DGP रश्मि शुक्ला को पद से हटा दिया है। चुनाव आयोग ने सोमवार सुबह चीफ सेक्रेटरी को…
 04 November 2024
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमवार को झारखंड विधानसभा के पहले फेज में होने वाली 43 सीटों पर चुनाव के लिए गढ़वा और चाईबासा में दो रैलियां करने पहुंचे हैं। पहली रैली…
 02 November 2024
शिवसेना (UBT) सांसद अरविंद सावंत ने शिवसेना शिंदे गुट की नेता शाइना एनसी पर दिए अपने बयान पर शनिवार को माफी मांग ली। सावंत ने कहा-ऐसा माहौल बनाया जा रहा…
 02 November 2024
अभिनेता सलमान खान के घर फायरिंग करवाने के मामले में आरोपी अनमोल बिश्नोई को अमेरिका से लाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। सलमान के घर 14 अप्रैल को बाइक…
 02 November 2024
जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर में खान्यार और बांदीपोरा में सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच एनकाउंटर जारी है। खान्यार में एक घर में दो से तीन आतंकी छिपे थे। सेना ने घर…
 02 November 2024
दुबई से दिल्ली आने वाली एअर इंडिया फ्लाइट में कारतूस मिलने की जानकारी शनिवार (2 नवंबर) को सामने आई है। घटना 27 अक्टूबर की है। एयरलाइंस के प्रवक्ता ने बताया,…
 01 November 2024
जिस जहरीली हवा में हम सांस ले रहे हैं, वह सीमा पार भी लोगों के जीवन को प्रभावित कर रही है। पिछले कुछ सालों से स्मॉग चिंता का विषय बना…
Advertisement