कचरा उठाने वाली गाड़ी से ही विरोध का ऐलान
'गाड़ी वाला आया, घर से कचरा निकाल...' गाने की तर्ज पर घरों से कचरा तो निकल रहा है, लेकिन उसे उठाने वाली गाड़ियां नहीं आ रहीं। मध्य प्रदेश में सफाई कर्मचारियों की हड़ताल ने शहरों की सूरत बिगाड़ दी है।
राजधानी भोपाल में भी जगह-जगह कचरे के ढेर नजर आने लगे हैं। कचरा उठाने वाली नगर निगम की गाड़ियां भी एक जगह खड़ी हैं।
दरअसल, पक्की नौकरी और वेतन बढ़ाने समेत चार मांगों को लेकर सफाई कर्मचारियों ने काम बंद कर दिया है। इसके चलते शहरों में सफाई व्यवस्था प्रभावित हो रही है।
इस बीच एक दिलचस्प वीडियो सामने आया है। जिसमें नगर निगम की गाड़ी से ही नगर निगम की नीतियों के खिलाफ आंदोलन का ऐलान किया जा रहा है।
खरी बात ये है कि त्योहारी सीजन में सफाई व्यवस्था का इस तरह ठप होना सरकार के लिए भी चुनौती है। कर्मचारियों की मांगों पर जल्द कोई रास्ता नहीं निकला तो घरों से निकलने वाला कचरा सड़कों पर जमा होता जाएगा।
ऐसे में कहीं इस बार लोगों की दिवाली 'कचरे वाली' न हो जाए।
पदयात्रा के रास्ते पर भी कचरा, भाजपा पर तंज
सफाई कर्मचारियों की हड़ताल के चलते भोपाल की सड़कों पर कचरे के ढेर नजर आने लगे हैंं। शहर के टीटी नगर और न्यू मार्केट इलाके में भी जगह-जगह कचरा फैला हुआ दिखा।
खास बात यह है कि यहां से कुछ ही दूरी पर भाजपा ने 'लोकतंत्र बचाओ-अराजकता हटाओ' पदयात्रा निकाली। इस दौरान पदयात्रा के मार्ग पर भी कचरे के ढेर नजर आए।
अब लोग इस पर चुटकी ले रहे हैं। कह रहे हैं कि भाजपा नेता अक्सर हाथों में झाड़ू उठाकर सफाई का संदेश देते नजर आते हैं। ऐसे में सफाई के इस संकट के बीच भी अगर नेता झाड़ू उठा लेते, तो पदयात्रा के साथ समाजसेवा भी हो जाती।
मंच पर दिखा दिग्विजय सिंह-लक्ष्मण सिंह मिलाप
दिग्विजय सिंह की सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा में उनके छोटे भाई लक्ष्मण सिंह भी शामिल हुए। इस दौरान मंच पर दोनों भाइयों के बीच प्यार और अपनापन देखने को मिला। कह सकते हैं कि मंच पर दिग्विजय-लक्ष्मण मिलाप का सीन बन गया।
बड़े भाई दिग्विजय सिंह ने छोटे भाई पर लाड़ लड़ाया, तो लक्ष्मण सिंह ने भी बड़े प्यार से उनका आभार जताया।
दिग्विजय सिंह ने कहा कि बड़े भाई के नाते उनकी जवाबदारी और जिम्मेदारी है कि छोटे भाई को कोई तकलीफ न हो। इस पर लक्ष्मण सिंह ने कहा कि उन्हें कोई तकलीफ नहीं है और न ही होगी। उन्होंने बड़े भाई के स्वस्थ रहने की कामना भी की।
हालांकि, सियासत में छोटे राजा अभी कांग्रेस में वनवास झेल रहे हैं। बड़े भैया उनका यह वनवास कब खत्म कराएंगे, इसका जवाब फिलहाल किसी के पास नहीं है। लेकिन मंच पर दोनों भाइयों के बीच दिखा प्यार और भाईचारे का यह अंदाज जरूर चर्चा में आ गया।
इधर सीएम का भाषण, उधर मची रही कुर्सी की होड़
राजधानी भोपाल में सत्ताधारी दल भाजपा के 'लोकतंत्र बचाओ-अराजकता हटाओ' मंच पर कुर्सी की होड़ देखने को मिली। एक नेता की ऐसी एंट्री हुई कि मंच पर बैठे बाकी नेताओं को अपनी जगह बदलनी पड़ गई। इसका वीडियो भी वायरल हुआ है।
हुआ यूं कि विपक्षी दल से सत्ताधारी पार्टी में आए एक वरिष्ठ नेता मंच के सामने बैठे थे। मुख्यमंत्री जब मंच पर पहुंचे तो उन्होंने इशारे से नेता जी को भी मंच पर बुला लिया। नेता जी मंच पर पहुंचे और पीछे की कतार में बैठ गए।
अब उन्हें आगे की कतार में बैठाने के लिए एक नेता जी सक्रिय हो गए। वे उन्हें आगे लेकर आए और अपनी कुर्सी दे दी। यह देखकर पास ही बैठे एक मंत्री से रहा नहीं गया। उन्होंने नेता जी को अपनी कुर्सी पर बैठाया और खुद मंच के दूसरी ओर चले गए।
वहां पहले से ही एक दूसरे मंत्री बैठे थे। चूंकि वे जूनियर थे, इसलिए सीनियर को तवज्जो देते हुए अपनी कुर्सी छोड़कर पीछे की कतार में बैठ गए। इसके बाद वहां बैठे एक विधायक भी अपनी जगह से शिफ्ट हुए और मंत्री जी को उनकी जगह बैठाया।
अब इस पूरे घटनाक्रम को लेकर चर्चा है कि एक मंत्री और विधायक नाराज हो गए। उन्होंने सवाल उठाया कि जब मंच पर जगह ही नहीं थी, तो नेता जी को बुलाया क्यों गया? दरअसल, पूरा कुर्सी-कांड नेता जी को मंच पर बुलाने के बाद ही शुरू हुआ। खास बात यह भी रही कि यह सब मुख्यमंत्री के भाषण के दौरान चलता रहा।
इनपुट सहयोग - ईश्वर सिंह परमार (भोपाल), आशीष रघुवंशी (गुना)
मंदसौर से भाजपा सांसद सुधीर गुप्ता ने राहुल गांधी की तुलना प्री-मैच्योर जन्म लेने वाले बच्चों से कर दी। उन्होंने कहा- 'जब व्यक्ति का विकास अपूर्ण रहता है और वह पूर्ण नहीं होता है।

