भोपाल। नगर निगम द्वारा बीते वित्तीय वर्ष की राजस्व वसूली के अंतिम आंकड़े जारी कर दिए गए है। इसमें संपत्तिकर की वसूली के मामले में जोन क्रमांक 13 सभी 21 जोन से अव्वल रहा। वहीं जोन क्रमांक तीन सबसे निचले पायदान पर रहा। हालांकि इस बार निगम का सकल राजस्व 493 करोड़ रुपये रहा, फिर पिछले वित्तीय वर्ष में हुई वसूली का आंकड़ा भी पार नहीं कर सका। बता दें कि वित्तीय वर्ष 2022-23 में निगम ने रिकार्ड 498 करोड़ रुपये वसूले थे, इस बार पांच करोड़ रुपये कम वसूली हुई। जबकि करीब 600 करोड़ रुपये राजस्व जुटाने का लक्ष्य रखा गया था।
जोन-21 दूसरे नंबर पर
निगम द्वारा जारी किए गए आंकड़ो के अनुसार जोन क्रमांक 13 में 28 करोड़ 87 लाख 44 हजार 430 रुपये का संपत्तिकर वसूला गया। वहीं दूसरे नंबर पर जोन क्रमांक 21 रहा। यहां 28 करोड़ 27 लाख 56 हजार, 876 रुपये की वसूली हुई। जबकि तीसरे पर जोन क्रमांक 12 ने 18 करोड़ 77 लाख 29 हजार 877 रुपये की वसूली की। इधर सबसे पिछड़े जोन क्रमांक तीन में एक करोड़ 86 लाख तीन हजार 234 रुपये का संपत्तिकर ही वसूला जा सका।
पिछले वर्ष कंपाउंडिंग शुल्क ने दी थी उछाल
सकल राजस्व वसूली की बात करें, तो पिछले वित्तीय वर्ष में भवन अनुज्ञा शाखा ने 140 करोड़ रुपये केवल कंपाउंडिंग से जुटाए थे। यही कारण था, कि नगर निगम ने रिकार्ड बनाते हुए करीब 498 करोड़ रुपये की वसूली की थी। इस बार कंपाउंडिंग से केवल 3 करोड़ 78 लाख रुपये ही जुटाए जा सके।
जलकर के वसूले 73 करोड़ रुपये
शहर की 25 लाख आबादी को पानी पिलाने के लिए नगर निगम पूरे वर्षभर में सवा सौ करोड़ रुपए की बिजली जला देता है। इसके बाद पानी को जलशोधन करने का खर्च, कर्मचारियों का वेतन, ईधन और मेंटनेंस अलग होता है। लेकिन पूरे सालभर में पानी के घर-घर लगे कनेक्शन के चार्ज के रूप में निगम को मात्र 73 करोड़ 73 लाख रूपए ही मिले। हालांकि जलकर वसूलने का लक्ष्य 90 करोड़ रुपये था।











