साल 1985 और 150... कैसे झुनझुनवाला ने राख को बना दिया था सोना

साल 1985 और 150... कैसे झुनझुनवाला ने राख को बना दिया था सोना
नई दिल्ली : वे जिस स्टॉक पर हाथ रखते वह सोना बन जाता। भारतीय शेयर बाजार के वे वॉरेन बफे थे। उन्होंने लाखों लोगों को बाजार में निवेश करने का तरीका सिखाया। हम बात कर रहे हैं राकेश झुनझुनवाला (Rakesh Jhunjhunwala) की। आज शेयर बाजार के इस बिग बुल (Big Bull) की पहली बरसी है। 5 जुलाई 1960 को उनका जन्म हुआ था। 14 अगस्त 2022 को आखिरी सांस ली थी। आइए झुनझुनवाला से जुड़ी कुछ खास बातें जानते हैं।

5000 रुपये से की शुरुआत

राकेश झुनझुनवाला ने लाखों-करोड़ों रुपये से शेयर मार्केट में शुरूआत नहीं की थी। वे सिर्फ 5000 रुपये लेकर मार्केट में उतरे थे। साल 1985 में तब BSE का सेंसेक्‍स 150 अंकों के करीब था। उन दिनों लोग शेयर बाजार को बहुत कम समझते थे। लोगों को यह सट्टा लगता था। लोगों का भरोसा बैंक एफडी वगैरह पर ही होता था। उस समय राकेश झुनझुनवाला ने दलाल स्‍ट्रीट में एंट्री मारी। निवेश के लिए उनके पास 5,000 रुपये थे। वह एक मिडिल क्लास फैमिली से आते थे। इस 5000 रुपये से उन्होंने अरबों का पोर्टफोलिया बना लिया।

पिता ने मना नहीं किया, मदद भी नहीं की

शेयर बाजार में उतरने के लिए झुनझुनवाला के पिता ने कभी मना नहीं किया, लेकिन उन्‍होंने इसके लिए झुनझुनवाला की कोई वित्‍तीय मदद भी नहीं की। पिता ने स्पष्ट कह दिया था कि मुझसे किसी तरह की मदद की उम्मीद मत करना। राकेश झुनझुनवाला ने एक बार बताया था, 'पिता ने कहा था कि शेयर मार्केट में लोग तुम पर भरोसा रखते हैं, याद रखना कि बहुत से लोग बीवी के गहने रखकर पैसा लगाते हैं। उनका भरोसा मत तोड़ना। पिता की बात को याद रखा। शेयर मार्केट में अपने शेयर को मैनिपुलेट नहीं किया कि फायदे या नुकसान को ध्यान में रखकर कोई काम करूं।'

मौसम, मौत और बाजार के बारे में कही थी यह बात

झुनझुनवाला अक्सर निवेशकों को अटकलबाजी से बचने और शेयरों के बारे में पूरी जांच- पड़ताल करने की सलाह देते थे। वे ट्रेडिंग के बजाय लॉन्ग टर्म इन्वेस्टमेंट को अधिक महत्व देते थे। झुनझनवाला कहा करते थे कि कोई भी शख्स मौसम, मौत और बाजार के बारे में कोई अनुमान नहीं लगा सकता है।

पैसा लगाने से पहले खुद रिसर्च करें

राकेश झुनझुनवाला ने अपनी इन्वेस्टमेंट जर्नी में यह महत्वपूर्ण सीख प्राप्त की थी कि निवेशक को शेयर मार्केट के बारे में खुद रिसर्च करना जरूरी होता है। निवेशक को खुद के लिए समय निकालना चाहिए। उसे विभिन्न स्रोतों से खुद को स्किल्ड करना चाहिए। निवेशक को बाजार के ताजा रुझान और ट्रेंड से अपडेट रहना चाहिए, जिससे उन्हें निवेश के बेहतर मौकों का पता चल सके।
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