3 जनवरी को "महिला साक्षरता" दिवस एवं "सार्वजनिक अवकाश दिवस" घोषित करने की मांग

3 जनवरी को
भोपाल ,राष्ट्र की प्रथम शिक्षिका सावित्रीबाई फुले  देश की आधी आबादी महिलाओं के सामाजिक आर्थिक एवं शैक्षणिक अधिकारों को दिलाने की शिल्पकार है उनका संपूर्ण जीवन सामाजिक समरसता और शिक्षा के लिए समर्पित रहा है यह बात मध्य प्रदेश पिछड़ा वर्ग अधिकारी एवं कर्मचारी संघ के संरक्षक सलाहकार राम विश्वास कुशवाहा ने सावित्रीबाई फुले के जयंती दिवस पर कही।
 श्री कुशवाहा ने कहा कि सावित्रीबाई फुले की समग्र जीवन सामाजिक विषमता को समाज से समाप्त कर शिक्षित समाज के निर्माण, महिलाओं, पिछड़ों, बेसहारा निर्धन बच्चों के मौलिक अधिकारों को संरक्षित करने में लगाया है। उन्होंने कहा कि 3 जनवरी को 'महिला साक्षरता" दिवस के रूप में मनाया जाना चाहिए, तथा 3 जनवरी को सार्वजनिक अवकाश की घोषणा की जानी चाहिए ।उन्होंने बताया कि मध्य प्रदेश पिछड़ा वर्ग अधिकारी एवं कर्मचारी संघ द्वारा समय-समय पर महापुरुषों की जयंती एवं पुण्यतिथि पर महापुरुषों के जीवन दर्शन के संदर्भ में विचार विमर्श संगोष्टीयां आयोजित करेंगे।

  
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