आपके लोन पर घटेगी या बढ़ेगी ब्याज दर? आज होगा फैसला, जानिए क्या कह रहे एक्सपर्ट

आपके लोन पर घटेगी या बढ़ेगी ब्याज दर? आज होगा फैसला, जानिए क्या कह रहे एक्सपर्ट
नई दिल्ली : लोने लेने वालों को ब्याज दर में राहत मिलेगी या नहीं, इसका फैसला आज गुरुवार को हो जाएगा। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) की छह सदस्यों वाली मौद्रिक नीति समिति (Monetary Policy Committee) की बैठक आज खत्म हो रही है। एमपीसी की इस 43वीं बैठक में लिए गए फैसलों की घोषणा आज दोपहर आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास (Shaktikanta Das) करेंगे। वे रेपो रेट के बारे में घोषणा करेंगे। महंगाई में कमी लाने के लिए आरबीआई लंबे समय से रेपो रेट (RBI Repo Rate) में इजाफा कर रहा है। हालांकि, महंगाई दर घटने के बाद पिछली एमपीसी बैठक में रेपो रेट को यथावत रखा गया था। इस बार भी इसी की उम्मीद की जा रही है।

हर तरह के लोन पर बढ़ी हुई है रेट

इस समय हर तरह के लोन पर ब्याज दरें बढ़ी हुई हैं। चाहे वह पर्सनल लोन हो, कार लोन, होम लोन या एजुकेशन लोन। रेपो रेट में बढ़ोतरी के साथ ही बैंक लोन पर ब्याज दरें बढ़ा देते हैं। लेकिन रेपो रेट में बढ़ोतरी का एक फायदा भी है। इससे बैंक जमा पर ब्याज दरें बढ़ा देते हैं। यही कारण है कि इस समय बैंक एफडी पर काफी अच्छी ब्याज दरें मिल रही हैं।

2.5 फीसदी बढ़ चुकी है रेपो रेट

इस समय प्रमुख ब्याज दर या रेपो रेट 6.50 फीसदी पर है। पिछली बैठक में भी एमपीसी ने रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं किया था। महंगाई को कंट्रोल करने के लिए आरबीआई ने मई 2022 से फरवरी 2023 के बीच रेपो रेट में 2.5 फीसदी का इजाफा किया है। इसके बाद अप्रैल की बैठक में आरबीआई ने प्रमुख ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया था।

क्या कहते हैं एक्सपर्ट

एयूएम कैपिटल मार्केट (AUM Capital Market) में नेशनल हेड (वेल्थ) महेश अग्रवाल ने कहा, 'हम उम्मीद करते हैं कि एमपीसी अगली समीक्षा बैठक तक पॉज बटन दबाए रखेगी। एमपीसी ने अपनी पिछली पॉलिसी घोषणा में संकेत दिया था कि अगला कदम डेटा पर निर्भर होगा। और महंगाई के पिछले आंकड़े एमपीसी के टार्गेट के अंदर थे। जबकि इस साल अल नीनो खतरे का पता चला है। मौसम विभाग ने सामान्य मानसून का संकेत दिया है, जो आरबीआई को चुनौती देगा। इसके अलावा, मेटल और ऑयल की कीमतों में भी गिरावट आई है। इससे महंगाी में कमी आई है। हालांकि, अगली पॉलिसी में फेड के दर बढ़ाने की संभावना कुछ दिनों पहले से थोड़ी बढ़ गई है, यह पिक के करीब भी है। इससे भी आरबीआई को दरों को यथावत रखने में मदद मिलेगी। क्योंकि अमेरिका में रेट हाइक करेंसी और अंतत: रेपो रेट पर दबाव डालती है। आरबीआई ने करेंसी को टाइट रेंज में बनाए रखा है। इन कारकों के आधार पर, हम उम्मीद करते हैं कि एमपीसी मौजूदा रेपो रेट को बनाए रखेगी, जो कि बढ़ी हुई प्रतीत होती है।'
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