ईरान पर इजरायल और अमेरिका के हमले के बाद मिडिल ईस्ट में फैला तनाव रूस के लिए वरदान साबित हुआ है। इस युद्ध के कारण ईस्ट एशिया में खाड़ी देशों के तेल की सप्लाई बाधित हुई है। ऐसे में भारत समेत कई एशियाई देश रूस के तेल पर निर्भर हो गए हैं। रूसी तेल के टैंकर लगातार यू-टर्न लेकर एशियाई देशों की ओर मुड़ने लगे हैं। ऐसे ही रूसी के दो टैंकर, जो पूर्वी एशिया जा रहे थे, वे भारत की ओर मुड़ गए हैं
हॉर्मुज जलडमरूमध्य बंद होने की आशंका
ईरान युद्ध के कारण हॉर्मुज जलडमरूमध्य ( Strait of Hormuz ) में तेल आपूर्ति बाधित होने की आशंका है। ऐसे में रूस के दो तेल टैंकरों ने अपनी दिशा बदलकर भारत की ओर रुख कर लिया है। ब्लूमबर्ग के अनुसार ये टैंकर मूल रूप से पूर्वी एशिया जा रहे थे, लेकिन अब भारत में तेल उतारेंगे।रिपोर्ट के मुताबिक दोनों जहाजों में कुल मिलाकर करीब 14 लाख बैरल रूसी ‘यूराल्स’ क्रूड ऑयल है। यह वही ग्रेड है जो पहले भारतीय रिफाइनरियों के बीच काफी लोकप्रिय था। हालांकि इस साल अमेरिका के दबाव के कारण भारत में रूसी तेल की आपूर्ति कुछ कम हुई है। लेकिन मौजूदा स्थिति को देखते हुए अमेरिका ने इसमें 30 दिन की छूट दी है।
किस टैंकर में कितना तेल?
- Odune नाम का सुएजमैक्स टैंकर करीब 7.3 लाख बैरल तेल लेकर बुधवार को ओडिशा के पारादीप पोर्ट पहुंच गया।
- Matari नाम का अफ्रामैक्स टैंकर 7 लाख बैरल से ज्यादा तेल के साथ गुजरात के वाडीनार बंदरगाह पर पहुंचेगा।
- Indri नाम का सुएजमैक्स टैंकर, जो पहले सिंगापुर जा रहा था, इस हफ्ते अरब सागर में दिशा बदलकर भारत की ओर मुड़ गया है। इसमें करीब 7.3 लाख बैरल यूराल्स क्रूड ऑयल है।











