इसीलिए अमेरिका को डर है कि सिस्टम का रडार F-35 की स्टील्थ क्षमताओं को स्कैन सकता है। ये एक पांचवीं पीढ़ी का स्टील्थ फाइटर जेट है, जिसका रडार क्रॉस-सेक्शन गोल्फ की गेंद से भी छोटा है। ये सटीक-गाइडेड हथियारों के साथ 700 मील दूर लक्ष्य पर हमला करने में सक्षम है। पेंटागन ने तर्क दिया है कि S-400 का रखरखाव करने वाले रूसी तकनीशियन F-35 का डेटा चुकाकर उसे मॉस्को भेज सकता है। तुर्की पहले भी एस-400 को नाटो नेटवर्क से अलग रखने से इनकार कर चुका है। और अब अगर सीरिया में एस-400 की तैनाती होती है, तो अमेरिका के लिए ये एक बहुत बड़ा झटका होगा। आपको बता दें कि अमेरिका, पूर्वी सीरिया में अपनी उपस्थिति बनाए हुए है, जहां लगभग 900 सैनिकों के साथ मिलकर वो ISIS का मुकाबला कर रहा है। इजराइल F-35 से ही सीरिया में हमले करता है, ऐसे में अमेरिका का डर बढ़ता जा रहा है। उन्हें डर है कि ऐसे ही किसी ऑपरेशन में अमेरिकी फाइटर जेट की टेक्नोलॉजी चोरी हो सकती है।