इस हफ्ते लोकसभा में चार सांसदों ने वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी से 8वें वेतन आयोग को लागू करने की तारीख के बारे में पूछा। राज्य मंत्री ने अपने जवाब में कोई खास तारीख नहीं बताई। चौधरी ने कहा कि 8वें केंद्रीय वेतन आयोग को लागू करने की तारीख सरकार तय करेगी। सरकार 8वें वेतन आयोग की स्वीकृत सिफारिशों को लागू करने के लिए उचित धन का प्रावधान करेगी।
एरियर का हाल
नवंबर 2025 में स्वीकृत संदर्भ की शर्तों (टर्म ऑफ रेफरेंस) के अनुसार, सरकार ने 8वें वेतन आयोग को अपनी रिपोर्ट सौंपने के लिए 18 महीने का समय दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि सरकार को रिपोर्ट को मंजूरी देने और उसे अधिसूचित करने में अतिरिक्त 3-6 महीने लग सकते हैं। पिछले तीन वेतन आयोगों के इतिहास को देखें तो उन्होंने अपनी समय-सीमा के बाद रिपोर्ट सौंपी है। हालांकि, कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को पिछले वेतन आयोग के खत्म होने की तारीख से ही एरियर मिलना शुरू हो गया था।उदाहरण के लिए 7वें वेतन आयोग की सिफारिशें जून 2016 में लागू की गईं, लेकिन कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को 1 जनवरी, 2016 से एरियर मिला। इसी तरह, 6वें वेतन आयोग की सिफारिशों को अगस्त 2008 में मंजूरी मिली थी, लेकिन कर्मचारियों को 1 जनवरी, 2006 से एरियर मिला। क्या इस बार भी ऐसा ही होगा या सरकार पैटर्न बदल सकती है?
एचआरए एरियर
ऑल इंडिया एनपीएस एम्प्लॉइज फेडरेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष मनजीत सिंह पटेल का कहना है कि पिछली प्रथाओं को जारी रखते हुए सरकार को तकनीकी रूप से 1 जनवरी, 2026 से एरियर देना चाहिए। पटेल बताते हैं कि सरकार मकान किराया भत्ता (HRA) पर एरियर नहीं देती है, इसलिए देरी से उसे पैसे बचाने में मदद मिल सकती है। लेकिन वेतन और अधिकांश भत्तों के लिए वह एरियर देती है।पटेल ने कहा, 'कर्मचारी संघ लंबे समय से मांग कर रहे हैं कि सरकार HRA पर भी एरियर दे। लेकिन बाकी भत्तों के लिए, सरकार को तकनीकी रूप से 1 जनवरी, 2026 से एरियर देना चाहिए।' पटेल ने बताया कि 76,500 रुपये के मूल वेतन पर सरकार एचआरए पर लगभग 18,360 रुपये बचाती है। मान लीजिए किसी कर्मचारी का मूल वेतन 76,500 रुपये है। इस समय महंगाई भत्ता (DA) 58% है, जो 44,370 रुपये होता है। मकान किराया भत्ता (HRA) 30% है, जो 22,950 रुपये होता है। तो कुल वेतन 1,43,820 रुपये हुआ।











