नई दिल्ली: पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के बीच ईरान के सामने एक नई समस्या खड़ी हो गई है। उसे न सिर्फ ऑयल एक्सपोर्ट करने में मुश्किल हो रही है, बल्कि उसके स्टोरेज की जगह भी कम पड़ गई है। संकट के लंबा खिंचने और एक्सपोर्ट में रुकावट के साथ तेहरान के स्टोरेज टैंक तेजी से भरते जा रहे हैं। इससे देश को जल्द ही तेल उत्पादन में भारी कटौती करनी पड़ सकती है।
ब्लूमबर्ग ने एनर्जी रिसर्च फर्म केप्लर के हवाले से बताया, ईरान के पास अब सिर्फ 12 से 22 दिनों की खाली स्टोरेज क्षमता बची है।
12 से 22 दिनों में ओवरफ्लो का डर, ईरान के सामने एक और समस्या, तेल की भरती टंकियां बढ़ा रही हैं टेंशन











