तेज गेंदबाजी की खास एक्सरसाइज
मोहम्मद शमी मौजूदा वर्ल्ड कप में भारत के सबसे सफल गेंदबाज हैं। शुरुआती मुकाबलों में प्लेइंग इलेवन से बाहर रहने के बाद हार्दिक पंड्या के इंजर्ड होने के चलते शमी का मौका मिला। अब सिर्फ चार मैच में ही उनके नाम 16 विकेट हो चुके हैं। शमी की गेंदबाजी पिछले कुछ मुकाबलों में सबसे ज्यादा खतरनाक दिखी है। 33 साल के शमी सिर्फ 5.8 इंच लंबे हैं। बावजूद इसके वह न सिर्फ जबरदस्त पेस निकाल रहे हैं बल्कि उनकी सीम पोजिशन भी गजब की है। शमी को ये एक्यूरेसी मिलती है, उनके रिदम से और रिदम आता है परफेक्ट रनअप से। इन सबके लिए किसी गेंदबाज के काफ मसल्स मजबूत होना काफी जरूरी है, जिम में जिसकी एक्सरसाइज शमी कर रहे थे।
इन मसल्स से मिलती है ताकत
क्रिकेट में तेज गेंदबाजी के लिए ताकत, शक्ति, गति और समन्वय के संयोजन की आवश्यकता होती है। तेज गेंदबाजी के लिए इन मसल्स का मजबूत होना बेहद जरूरी है। पहला क्वाड्रिसेप्स (Quadriceps) ये जांघ के सामने की मांसपेशियां हैं, जो घुटने को फैलाती हैं और डिलीवरी स्ट्राइड के लिए जरूरी शक्ति पैदा करने में अहम है। जांघ के पीछे की मांसपेशियां हैमस्ट्रिंग (Hamstrings) कहलाती हैं, जो घुटने को मोड़ती हैं और डिलीवरी के बाद फॉलो-थ्रू के दौरान पैर को धीमा करने के लिए महत्वपूर्ण हैं। ग्लूट्स (Glutes) नितंबों की बड़ी मांसपेशियां हैं जो डिलिवरी के दौरान ताकत में अहम भूमिका निभाती है। पीठ की मांसपेशियां डिलिवरी के दौरान पोजिशन और स्थिरता बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण हैं।











