इजरायल का मिनी इंडिया डिमोना
हालांकि, डिमोना इजरायल का प्रमुख परमाणु केंद्र है, लेकिन इसकी एक और पहचान है जो भारत से जुड़ी है। डिमोना को इजरायल में मिनी इंडिया का खिताब हासिल है। इस शहर में लगभग 7500 लोगों का एक मजबूत भारतीय-यहूदी समुदाय रहता है, जो शहर की कुल आबादी का लगभग 30 फीसदी है।डिमोना के लोग आज भी भारतीय संस्कृति और भारत में अपनी जड़ों से खुद को जोड़े हुए हैं। यहां सड़कों पर लोगों को फर्रादेदार मराठी बोलते हुए सुना जा सकता है, तो कुछ लोग थोड़ी-बहुत हिंदी भी बोलते हैं। वैसे तो इजरायल में क्रिकेट प्रमुख खेल नहीं है, लेकिन डिमोना में क्रिकेट के दीवानों की अच्छी संख्या है। यहां की दुकानों में सोनपापड़ी, गुलाम जामुन, पापड़ी चाट और भेलपुरी जैसे भारतीय नाश्ते देखकर आप हैरान हो सकते हैं।
- 1948 में इजरायल राज्य के गठन के बाद दुनिया भर से यहूदी यहां आने लगे। भारत के इजरायल में प्रवासन की मुख्य लहर 1950 और 1960 के दशक में आई थी।
- इनमें से ज्यादातर लोग महाराष्ट्र से आए हैं, जिन्हें बनी इजरायल कहा जाता है। कुछ छोटे समूह केरल (कोच्चि यहूदी) और कोलकाता (बगदाद यहूदी) से भी आए। हाल के कुछ वर्षों में मिजोरम और मणिपुर से भी यहूदी डिमोना में बस गए हैं।
- इसकी शुरुआत 1950 के दशक में हुई, जब यहूदी एजेंसी ने मुंबई के फोर्ट इलाके में अपना दफ्तर खोला। यह एजेंसी यहूदियों को इजरायल जाकर बसने के लिए प्रोत्साहित करती थी।
- 1956 तक पश्चिमी भारत से लगभग 2000 यहूदी इजरायल चले गए। इन्होंने इजरायल के दक्षिणी शहर डिमोना को अपना घर बना लिया।











