अमेरिकी दूतावास के इस वर्ल्डवाइड अलर्ट की घोषणा 22 दिसंबर को की गई है। यह सभी H-1B और H-4 आवेदकों पर लागू होता है। अब कांसुलर अधिकारी स्टैंडर्ड वीजा स्क्रीनिंग प्रक्रिया के हिस्से के रूप में ऑनलाइन उपस्थिति समीक्षा करेंगे। इसमें आवेदक की पृष्ठभूमि को वेरिफाई करने के लिए सोशल मीडिया प्रोफाइल, सार्वजनिक डिजिटल फुटप्रिंट और ऑनलाइन समीक्षा शामिल है।
H-1B वीजा पर क्यों बढ़ी भारतीयों की टेंशन, अमेरिकी दूतावास ने जारी किया वर्ल्डवाइड अलर्ट, जानें सब
वॉशिंगटन: भारतीयों के लिए अमेरिका में नौकरी का सबसे अहम जरिया H-1B वीजा कार्यक्रम को लेकर नए चीजें सामने आई हैं। भारत में अमेरिकी दूतावास ने H-1B और H-4 वीजा आवेदकों के लिए वर्ल्डवाइड अलर्ट जारी किया है। इसके तहत अमेरिकी विदेश विभाग ने सभी वीजा आवेदकों के सोशल मीडिया अकाउंट को जांचने के अपने स्क्रीनिंग प्रोटोकॉल को बढ़ाया है। अलर्ट में कहा गया है कि यह कवायद H-1B कार्यक्रम का दुरुपयोग रोकने के वैश्विक प्रयास का हिस्सा है, साथ ही इससे अमेरिकी कंपनियों को अंतर्राष्ट्रीय प्रतिभाओं को भर्ती करने में मदद मिलेगी। हालांकि दूतावार के दावे के उलट इससे भारतीय की चिंता बढ़ी हुई है क्योंकि इस स्क्रीनिंग से कई तरह की दिक्कतें आवेदकों के सामने आ रही हैं। वहीं कंपनियों में भी एक हड़बड़ी दिख रही है।
अमेरिकी दूतावास के इस वर्ल्डवाइड अलर्ट की घोषणा 22 दिसंबर को की गई है। यह सभी H-1B और H-4 आवेदकों पर लागू होता है। अब कांसुलर अधिकारी स्टैंडर्ड वीजा स्क्रीनिंग प्रक्रिया के हिस्से के रूप में ऑनलाइन उपस्थिति समीक्षा करेंगे। इसमें आवेदक की पृष्ठभूमि को वेरिफाई करने के लिए सोशल मीडिया प्रोफाइल, सार्वजनिक डिजिटल फुटप्रिंट और ऑनलाइन समीक्षा शामिल है।
H1b वीजा की बात की जाए तो यह अमेरिका में टेक, हेल्थकेयर, फाइनेंस, एजुकेशन, स्पेस जैसे सेक्टर्स में काम करने के लिए कुशल कामगारों की भर्ती के लिए जारी किया जाता है। हर साल सिर्फ 65 हजार H-1B वीजा ही जारी होते हैं। 20 हजार वीजा अलग से उन लोगों के लिए रिजर्व होते हैं, जिन्होंने अमेरिकी यूनिवर्सिटी से डिग्री ली है।
अमेरिकी दूतावास के इस वर्ल्डवाइड अलर्ट की घोषणा 22 दिसंबर को की गई है। यह सभी H-1B और H-4 आवेदकों पर लागू होता है। अब कांसुलर अधिकारी स्टैंडर्ड वीजा स्क्रीनिंग प्रक्रिया के हिस्से के रूप में ऑनलाइन उपस्थिति समीक्षा करेंगे। इसमें आवेदक की पृष्ठभूमि को वेरिफाई करने के लिए सोशल मीडिया प्रोफाइल, सार्वजनिक डिजिटल फुटप्रिंट और ऑनलाइन समीक्षा शामिल है।











