रूस ने ना सिर्फ होर्मुज स्ट्रेट पर ईरान के अधिकार का समर्थन किया है बल्कि रूसी दूत ने पश्चिमी देशों पर पाखंड और समुद्री डकैती का आरोप भी लगाया है। आपको बता दें कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज, फारस की खाड़ी को ओमान की खाड़ी से जोड़ता है और दुनिया का लगभग 20% तेल और लिक्विफाइड नेचुरल गैस इसी रास्ते से होकर गुजरता है। अमेरिका और इजरायल के हमले के बाद ईरान ने इस रास्ते को ब्लॉक कर दिया है जिससे दुनिया के कई हिस्सों में तेल और गैस का संकट उत्पन्न हो गया है।
'ईरान के पास होर्मुज स्ट्रेट के नियंत्रण का अधिकार', रूसी राजदूत ने संयुक्त राष्ट्र में किया तेहरान का खुला समर्थन
न्यूयॉर्क: रूस ने बहुत बड़ी घोषणा करते हुए होर्मुज स्ट्रेट में ईरान के अधिकार का समर्थन कर दिया है। ये अमेरिका और पश्चिमी देशों के साथ साथ भारत और चीन के लिए भी बहुत बड़ा झटका है। रूस ने आधिकारिक तौर पर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर ईरान के नियंत्रण का समर्थन किया है। संयुक्त राष्ट्र में रूस के राजदूत वसीली नेबेंजिया ने कहा कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ को नियंत्रित करने का अधिकार ईरान के पास है। राजदूत ने कहा कि ईरान को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में आवाजाही को सीमित करने और उसे नियंत्रित करने का पूरा अधिकार है।
रूस ने ना सिर्फ होर्मुज स्ट्रेट पर ईरान के अधिकार का समर्थन किया है बल्कि रूसी दूत ने पश्चिमी देशों पर पाखंड और समुद्री डकैती का आरोप भी लगाया है। आपको बता दें कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज, फारस की खाड़ी को ओमान की खाड़ी से जोड़ता है और दुनिया का लगभग 20% तेल और लिक्विफाइड नेचुरल गैस इसी रास्ते से होकर गुजरता है। अमेरिका और इजरायल के हमले के बाद ईरान ने इस रास्ते को ब्लॉक कर दिया है जिससे दुनिया के कई हिस्सों में तेल और गैस का संकट उत्पन्न हो गया है।
रूस ने ना सिर्फ होर्मुज स्ट्रेट पर ईरान के अधिकार का समर्थन किया है बल्कि रूसी दूत ने पश्चिमी देशों पर पाखंड और समुद्री डकैती का आरोप भी लगाया है। आपको बता दें कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज, फारस की खाड़ी को ओमान की खाड़ी से जोड़ता है और दुनिया का लगभग 20% तेल और लिक्विफाइड नेचुरल गैस इसी रास्ते से होकर गुजरता है। अमेरिका और इजरायल के हमले के बाद ईरान ने इस रास्ते को ब्लॉक कर दिया है जिससे दुनिया के कई हिस्सों में तेल और गैस का संकट उत्पन्न हो गया है।











