आपको बता दें कि IN-SLN DIVEX एक स्पेशल द्विपक्षीय अभ्यास है जो डाइविंग और पानी के नीचे होने वाले ऑपरेशन्स पर केंद्रित है। इसे भारतीय नौसेना और श्रीलंकाई नौसेना के बीच विशेष रूप से जटिल समुद्री वातावरण में आपसी तालमेल को बेहतर बनाने के लिए डिजाइन किया गया है। इस साल भारतीय नौसेना के जहाज INS 'निरीक्षक' ने इसमें हिस्सा लिया था जिसने गहरे समुद्र में होने वाले ऑपरेशन्स को अंजाम देने में अहम भूमिका निभाई। इस अभ्यास को एक महत्वपूर्ण पहल माना जाता है जो दोनों देशों के बीच "गहरे समुद्री सहयोग" को दिखाता है।
हिंद महासागर में भारत-श्रीलंका का 'समुद्र मंथन', चीन के खतरे के बीच अमृत निकालने की तैयारी, जानें प्लान
कोलंबो: श्रीलंका और भारत ने एक बार फिर से हिंद महासागर की सुरक्षा के लिए एक द्विपक्षीय डाइविंग अभ्यास किया है। IN-SLN DIVEX 2026 अभ्यास के चौथे संस्करण के जरिए दोनों देशों ने एक बार फिर अपने बढ़ते नौसैनिक सहयोग के बारे में बताया है। एक सप्ताह तक चले कार्यक्रम में दोनों देशों के गोताखोर, जहाज और कर्मी एक साथ आए जिसने न सिर्फ ऑपरेशनल कॉर्डिनेशन को बल्कि हिंद महासागर क्षेत्र में व्यापक रणनीतिक तालमेल को भी दिखाया है।
आपको बता दें कि IN-SLN DIVEX एक स्पेशल द्विपक्षीय अभ्यास है जो डाइविंग और पानी के नीचे होने वाले ऑपरेशन्स पर केंद्रित है। इसे भारतीय नौसेना और श्रीलंकाई नौसेना के बीच विशेष रूप से जटिल समुद्री वातावरण में आपसी तालमेल को बेहतर बनाने के लिए डिजाइन किया गया है। इस साल भारतीय नौसेना के जहाज INS 'निरीक्षक' ने इसमें हिस्सा लिया था जिसने गहरे समुद्र में होने वाले ऑपरेशन्स को अंजाम देने में अहम भूमिका निभाई। इस अभ्यास को एक महत्वपूर्ण पहल माना जाता है जो दोनों देशों के बीच "गहरे समुद्री सहयोग" को दिखाता है।
आपको बता दें कि IN-SLN DIVEX एक स्पेशल द्विपक्षीय अभ्यास है जो डाइविंग और पानी के नीचे होने वाले ऑपरेशन्स पर केंद्रित है। इसे भारतीय नौसेना और श्रीलंकाई नौसेना के बीच विशेष रूप से जटिल समुद्री वातावरण में आपसी तालमेल को बेहतर बनाने के लिए डिजाइन किया गया है। इस साल भारतीय नौसेना के जहाज INS 'निरीक्षक' ने इसमें हिस्सा लिया था जिसने गहरे समुद्र में होने वाले ऑपरेशन्स को अंजाम देने में अहम भूमिका निभाई। इस अभ्यास को एक महत्वपूर्ण पहल माना जाता है जो दोनों देशों के बीच "गहरे समुद्री सहयोग" को दिखाता है।











