नीरू ने फाइनल में 28 अंक जुटाए, जो पिछले 24 अंक के एशियाई रिकॉर्ड से बेहतर है। भारत के लिए पुरुष ट्रैप की व्यक्तिगत स्पर्धा में 1978 में रणधीर सिंह ने ऐतिहासिक स्वर्ण पदक जीता था, जबकि 2010 एशियाई खेलों में रोंजन सोढ़ी ने पुरुष डबल ट्रैप का व्यक्तिगत स्वर्ण हासिल किया था। नीरू ने 118 अंक के साथ कतर की रे बेसिल के साथ संयुक्त रूप से शीर्ष पर रहते हुए आठ निशानेबाजों के फाइनल में जगह बनाई थी। 118 अंक क्वालीफिकेशन में खेलों का रिकॉर्ड भी रहा।
कौन हैं हरियाणा की बंदूकबाज बेटी नीरू ढांडा, जिन्होंने एशियन गेम्स में जीते गोल्ड-सिल्वर, इटली में भी रच चुकी हैं इतिहास
नागोया: नीरू ढांडा ने एशियाई खेलों की महिला ट्रैप व्यक्तिगत स्पर्धा में मंगलवार को इतिहास रचते हुए भारत के लिए पहला स्वर्ण पदक जीता। उन्होंने 28 अंक के साथ नया एशियाई रिकॉर्ड भी कायम किया। इससे पहले कोई भारतीय महिला ट्रैप या स्कीट निशानेबाज एशियाई खेलों में व्यक्तिगत पदक नहीं जीत सकी थी। हरियाणा की 26 वर्षीय नीरू ने इससे पहले महिला ट्रैप टीम स्पर्धा में भी भारत को रजत पदक दिलाने में अहम भूमिका निभाई। वह जुलाई में इटली में हुए शॉटगन विश्व कप में ट्रैप स्पर्धा का स्वर्ण जीतने वाली पहली भारतीय महिला बनी थीं।
नीरू ने फाइनल में 28 अंक जुटाए, जो पिछले 24 अंक के एशियाई रिकॉर्ड से बेहतर है। भारत के लिए पुरुष ट्रैप की व्यक्तिगत स्पर्धा में 1978 में रणधीर सिंह ने ऐतिहासिक स्वर्ण पदक जीता था, जबकि 2010 एशियाई खेलों में रोंजन सोढ़ी ने पुरुष डबल ट्रैप का व्यक्तिगत स्वर्ण हासिल किया था। नीरू ने 118 अंक के साथ कतर की रे बेसिल के साथ संयुक्त रूप से शीर्ष पर रहते हुए आठ निशानेबाजों के फाइनल में जगह बनाई थी। 118 अंक क्वालीफिकेशन में खेलों का रिकॉर्ड भी रहा।
नीरू ने फाइनल में 28 अंक जुटाए, जो पिछले 24 अंक के एशियाई रिकॉर्ड से बेहतर है। भारत के लिए पुरुष ट्रैप की व्यक्तिगत स्पर्धा में 1978 में रणधीर सिंह ने ऐतिहासिक स्वर्ण पदक जीता था, जबकि 2010 एशियाई खेलों में रोंजन सोढ़ी ने पुरुष डबल ट्रैप का व्यक्तिगत स्वर्ण हासिल किया था। नीरू ने 118 अंक के साथ कतर की रे बेसिल के साथ संयुक्त रूप से शीर्ष पर रहते हुए आठ निशानेबाजों के फाइनल में जगह बनाई थी। 118 अंक क्वालीफिकेशन में खेलों का रिकॉर्ड भी रहा।
