गजब! नीरू ढांडा ने ट्रैप शूटिंग में जीता गोल्ड मेडल, 75 साल के एशियन गेम्स के इतिहास में पहली बार हुआ ऐसा

गजब! नीरू ढांडा ने ट्रैप शूटिंग में जीता गोल्ड मेडल, 75 साल के एशियन गेम्स के इतिहास में पहली बार हुआ ऐसा
नागोया: इसे कहते हैं अचूक निशाना। भारत की बेटी नीरू ढांडा ने एशियन गेम्स के 75 साल के इतिहास में पहली बार वो कर दिखाया, जिसका इतिहास स्वर्णिम अक्षरों में लिख दिया गया है। अगले हजार सालों तक उनका नाम अमर हो गया है। उन्होंने महिलाओं की इंडिविजुअल ट्रैप शूटिंग में गोल्ड मेडल अपने नाम किया। यह भारत को एशियन गेम्स 2026 में मिलने वाला 5वां गोल्ड मेडल रहा। उन्होंने गजब का प्रदर्शन करते हुए भारत की छाती जापान में चौड़ी कर दी। बता दें कि गोल्डन गर्ल नीरू का जन्म 25 मई 2000 को हुआ और वह हरियाणा के जींद की रहने वाली हैं। वह दिल्ली के डॉ. करणी सिंह शूटिंग रेंज में ट्रेनिंग करती हैं।


खराब मौसम के बीच भी बनाए रखा धैर्य

नीरू की इस कामयाबी की खास बात यह रही कि उन्होंने खराब मौसम के बीच भी अपना धैर्य और सटीकता बनाए रखी। फाइनल में उन्होंने छह सीरीज में कुल 28 निशाने लगाए और शीर्ष स्थान हासिल किया। बारिश के बावजूद उनकी एकाग्रता में कोई कमी नहीं आई और वह मुकाबले में बढ़त बनाने में सफल रहीं। यह गोल्ड नीरू के लिए अचानक मिली सफलता नहीं है। पिछले कुछ समय से वह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लगातार शानदार प्रदर्शन कर रही हैं। 2025 में उन्होंने एशियन शूटिंग चैंपियनशिप में महिला ट्रैप का गोल्ड जीता था।

लगातार रच रही इतिहास

इसके बाद 2026 में उन्होंने इटली के लोनाटो में ISSF शॉटगन वर्ल्ड कप में महिला ट्रैप का गोल्ड जीतकर इतिहास बनाया। वह ISSF वर्ल्ड कप में व्यक्तिगत ट्रैप गोल्ड जीतने वाली पहली भारतीय महिला निशानेबाज बनी थीं। एशियन गेम्स में भी नीरू ने अपनी शानदार फॉर्म जारी रखी। क्वालिफिकेशन में उन्होंने 50 में से 48 निशाने सही लगाए और संयुक्त रूप से शीर्ष पर रहीं। इससे फाइनल से पहले ही उनके आत्मविश्वास और फॉर्म का अंदाजा लग गया था।


टीम इवेंट में भी जीता मेडल

नीरू ने इससे पहले एशियन गेम्स में टीम स्पर्धा में भी भारत के लिए पदक जीता। नीरू ढांडा, आशिमा अहलावत और मनीषा कीर की भारतीय टीम ने महिला ट्रैप टीम स्पर्धा में सिल्वर मेडल अपने नाम किया। तीनों ने मिलकर 328 अंक जुटाए और चीन के बाद दूसरा स्थान हासिल किया। 25 मई 2000 को जन्मीं नीरू ढांडा हरियाणा के जींद की रहने वाली हैं और दिल्ली के डॉ. करणी सिंह शूटिंग रेंज में ट्रेनिंग करती हैं। उनके खेल करियर में सरकारी सहयोग भी महत्वपूर्ण रहा है। उन्हें उपकरण, गोला-बारूद, बोर्डिंग-लॉजिंग और आउट ऑफ पॉकेट अलाउंस जैसी सुविधाएं मिली हैं। बता दें कि भारत के स्पोर्ट्स मिशन TOPS के तहत उन्हें एक लाख रुपये और ACTC के तहत 25.09 लाख रुपये से अधिक की वित्तीय सहायता भी मिली है।
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