अनुभवी बाएं हाथ के गेंदबाज जयदेव उनादकट ने सौराष्ट्र के लिए 35 रन देकर पांच विकेट चटकाए पर टीम को इसका कोई फायदा नहीं हुआ। लक्ष्य का पीछा करने उतरी सौराष्ट्र को तेज गेंदबाज मूरा सिंह ने दो और राणा सिंह ने शुरुआत में बडे झटके दिए, जिससे महज 13 रन के स्कोर तक हार्विक देसाई, शेल्डन जैक्सन और चिराग जानी पवेलियन लौट गए। पुजारा (24) और अर्पित वासवडा (16) ने चौथे विकेट के लिए 37 रन की साझेदारी कर मैच में टीम की वापसी कराने की कोशिश की।
बिक्रम देबनाथ ने पुजारा को पगबाधा कर इस साझेदारी को तोड़ा जिसके बाद टीम की पारी ताश के पत्तों की तरह बिखर गई। 18 साल के जॉयदेब ने विश्वराज जडेजा (4) को बोल्ड किया तो प्रेरक मांकड़ (21) को मुरासिंह के हाथों लपकवाया। धर्मेंद्रसिंह जडेजा (11) को LBW करते हुए अपना तीसरा विकेट झटका तो पर्थ भट (21) और जयदेव उनादकट को भी चलता किया। इस तरह इस युवा गेंदबाज ने सिर्फ 15 रन देकर 5 विकेट झटकते हुए चेतेश्वर पुजारा के चैंपियनों को घुटने टेकने पर मजबूर कर दिया।
जॉयदेब देब अपने करियर का सिर्फ दूसरा लिस्ट ए मैच खेल रहे थे। उन्होंने इससे पहले सिक्किम के खिलाफ 12 रन देकर एक विकेट अपने नाम किया था। माना जा रहा है कि इस पेसर पर इस बार आईपीएल ऑक्शन में बड़ी बोली लग सकती है। उम्मीद की जा रही है कि वह भारत के लिए भी भविष्य के बड़े गेंदबाज साबित हो सकते हैं। हालांकि, कई बार ऐसा देखने को मिला है कि खिलाड़ी वन डे वंडर भी साबित होता है।
जॉयदेब देब अपने करियर का सिर्फ दूसरा लिस्ट ए मैच खेल रहे थे। उन्होंने इससे पहले सिक्किम के खिलाफ 12 रन देकर एक विकेट अपने नाम किया था। माना जा रहा है कि इस पेसर पर इस बार आईपीएल ऑक्शन में बड़ी बोली लग सकती है। उम्मीद की जा रही है कि वह भारत के लिए भी भविष्य के बड़े गेंदबाज साबित हो सकते हैं। हालांकि, कई बार ऐसा देखने को मिला है कि खिलाड़ी वन डे वंडर भी साबित होता है।











