नीतीश को केंद्र की पॉलिटिक्स में कौन पूछता है INDIA की मुंबई बैठक से पहले प्रशांत किशोर ने निकाल दी हवा

नीतीश को केंद्र की पॉलिटिक्स में कौन पूछता है INDIA की मुंबई बैठक से पहले प्रशांत किशोर ने निकाल दी हवा
पटना: कभी नीतीश कुमार की कृपा से जेडीयू के सेकेंड मैन की भूमिका निभाने वाले प्रशांत किशोर ने नीतीश कुमार और बिहार की मीडिया पर सवाल उठाया है। उन्‍होंने कहा कि नीतीश कुमार के पास न तो दल है और न ही राजनीतिक इमेज बची है। तो उन्‍हें किस आधार पर इंडिया का कन्‍वेनर बनाना चाहिए। प्रशांत किशोर ने राजनीतिक बयानबाजी करते हुए बिहार की मीडिया पर भी सवाल उठा दिया। उन्‍होंने कहा कि बिहार के पत्रकार उन्‍हें लेकर जबरदस्‍ती की खबर बनाते हैं।

कर्नाटक, बंगाल में नीतीश कुमार की कोई चर्चा नहीं
बड़बोले प्रशांत किशोर ने मीडिया पर सवाल उठाते हुए कहा कि कर्नाटक और बंगाल में नीतीश कुमार की कोई चर्चा नहीं हो रही है। उन्‍होंने कहा 'अगर आप कर्नाटक और बंगाल जाएंगे तो कौन चर्चा कर रहा है नीतीश कुमार की!'' उन्‍होंने कहा कि बिहार में गठबंधन बनना ये बिहार की घटना है। उन्‍होंने कहा कि जिस दिन बिहार में गठबंधन बना उसी दिन मैंने ये बात कही थी कि ये बिहार का गठबंधन बना है इसका राष्‍ट्रीय स्‍तर पर कोई असर नहीं पड़ने वाला है।

आरजेडी को बिहार में जीरो MP
बिहार में जन सुराज पदयात्रा के जरिए राजनीतिक जमीन तलाशने की कोशिश कर रहे प्रशांत किशोर ने कहा कि बिहार में आरजेडी के पास जीरो एमपी है। लेकिन बिहार के पत्रकारों को लगता है कि आरजेडी बिहार में इतना मजबूत दल है कि ये लोग देश की राजनीति डिसाइड कर सकता है। प्रशांत किशोर ने कहा कि जिस दल के पास जीरो एमपी है वो देश की राजनीति कैसे डिसाइड कर सकता है? क्‍या ये संभव है नीतीश जी के पास 42 विधायक हैं और 16 एमपी हैं जो पिछले गठबंधन में जीतेंगे। उन्‍होंने आरजेडी की ओर इशारा करते हुए कहा कि जब इनके पास अपनी ताकत ही नहीं तो क्‍या डिसाइड करेंगे?
I.N.D.I.A. और NDA दोनों की खोली पोल
I.N.D.I.A. और NDA दोनों गुटों की पोल खोलते हुए कहा कि दोनों तरफ 26 से 27 दल बैठते हैं। इनमें से दो तिहाई दल ऐसे हैं। जिनके एक भी सांसद नहीं हैं। ये दल तो संख्या गिनाने के लिए दलों की परिपाटी है। एक कर्मकांड है कि सबको बैठा कर संख्‍या गिना लीजिए। लेकिन इसका बिल्कुल भी ये मतलब नहीं है कि ये राष्ट्रीय राजनीति को उलट-पलट कर देंगे। उन्‍होंने कहा, बिहार के लिए जरूरी बात ये है कि बिहार के लोगों का पलायन कैसे रुके। उन्‍हों कहा कि बिहार के लोगों को बिहार के नजरिए से सोचने की जरूरत है। जहां तक बिहार का सवाल है। 10 बरस से NDA की सरकार है। 10 बरस पहले भी बिहार देश का 28वां सबसे गरीब राज्य था और आज भी है।

Advertisement