गुजरात में खड़े होने से पहले आई पंजाब बचाने की चुनौती? अब क्या करेंगे अरविंद केजरीवाल

गुजरात में खड़े होने से पहले आई पंजाब बचाने की चुनौती? अब क्या करेंगे अरविंद केजरीवाल
चंडीगढ़: दिल्ली में सरकार बनाकर देशभर में विस्तार को निकली आम आदमी पार्टी को अब तक का सबसे बड़ा झटका लगा है। राज्य में पार्टी के दो तिहाई सांसदाें ने बीजेपी में विलय का पत्र उपराष्ट्रपति और राज्यसभा के सभापति सी पी राधाकृष्णन को पत्र सौंपा है। दिल्ली में राघव चड्ढा के साथ पार्टी के सांसद अशोक मित्तल और संदीप पाठक ने प्रेस कांफेंस भी की। पार्टी को यह झटका ऐसे वक्त पर लगा है जब पार्टी गुजरात में खड़े होकर बीजेपी को चुनौती देने की कोशिश में जुटी थी। इस झटके के बाद पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल के सामने बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है कि वह अब क्या करेंगे? जब आप के सात सांसदों के पार्टी छोड़ने की सूचना सामने आई तो उस वक्त मनीष सिसोदिया गुजरात सौराष्ट्र में चुनाव प्रचार कर रहे थे।


अब 'मिशन गुजरात' का क्या होगा?


दिल्ली की सत्ता पर काबिज होने के बाद आम आदमी पार्टी ने सूरत में 27 पार्षद को जिताकर माहौल बनाया था। इसके बाद आम आदमी पार्टी 2022 के चुनावों में बड़ी जीत हासिल की थी। पार्टी क 92 सीटें मिली थीं। 2017 के चुनावों आप ने 20 सीटें जीकर सबसे बड़ी पार्टी न गई थी। अब ऐसे में जब पार्टी पंजाब में सत्ता बचाने के साथ गुजरात में बीजेपी को चुनौती देने की रणनीति पर काम कर रही थी तब पार्टी को बड़ा झटका लगा है। इसमें संदीप पाठक का जाना काफी अहम है। वह गुजरात के मोर्चे पर काम कर चुके हैं। पंजाब की जीत में भी उनकी भूमिका काफी अहम मानी गई थी। केजरीवाल ने अपनी पहली प्रतिक्रिया में लिखा है कि बीजेपी ने फिर से पंजाबियों के साथ किया धोखा। सवाल खड़ा हो रहा है केजरीवाल पंजाब बचाएंगे या फिर गुजरात में बीजेपी से लड़ेंगे क्योंकि गुजरात में स्थानीय निकाय के चुनावों में पार्टी ने पूरी ताकत झोंकी हुई है। इन्हें 2027 का सेमीफाइनल माना जा रहा है।

सुबह दी थी गुड न्यूज, शाम होने से पहले टूटी पार्टी


अरविंद केजरीवाल ने शुक्रवार की सुबह गुड न्यूज साझा की थी। उन्होंने एक्स पर लिखा था कि पिछले दिनों केंद्र सरकार ने आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक होने के नाते कोर्ट के आदेश पर मुझे घर आवंटित किया था। अपने परिवार के साथ मैं अब उस घर में शिफ्ट हो गया हूं। केजरीवाल ने यह पोस्ट दोपहर सवा 12 बजे की थी। इसके करीब तीन घंटे के अंतराल के बाद पार्टी के सात राज्यसभा सांसदों के पार्टी छोड़ने की सूचना सामने आ गई। इसमें छह पंजाब और एक दिल्ली से राज्यसभा सदस्य हैं।
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