यूके और रूस में भी यही हाल
देश छोड़कर जाने वाले अमीरों के मामले में दुनिया में तीसरा स्थान यूके का है। यहां से 3200 एचएनआई देश छोड़कर जा सकते हैं। वही, रूस से 3000 अमीर देश छोड़कर जा सकते हैं। यह चौथे स्थान पर है। साल 2022 में रूस से 8500 अमीर देश छोड़कर गए थे।
क्यों देश छोड़कर जाते हैं अमीर?
अब सवाल यह है कि अमीर लोग अपना देश छोड़कर क्यों चले जाते हैं। यह टैक्स कानूनों की जटिलताओं के चलते देखने को मिलता है। भारत में टैक्स से जुड़े नियमों में जटिलताओं के चलते हर साल हजारों अमीर लोग देश छोड़कर चले जाते हैं।अमीरों को कौनसा देश आता है पसंद?
दुनियाभर के अमीरों को दुबई और सिंगापुर जैसी जगहें सबसे ज्यादा पसंद आ रही हैं। अमीर उस देश में जाना पसंद करते हैं, जहां टैक्स से जुड़े नियम लचीले हों।सोशल मीडिया यूजर्स ने वित्त मंत्रालय को घेरा
टैक्स नियमों में जटिलता को लेकर सोशल मीडिया यूजर्स वित्त मंत्रालय को घरते दिखे है। दिग्गज आईटी कंपनी इंफोसिस के पूर्व बोर्ड मेंबर टीवी मोहनदास पाई ने भी ट्वीट किया है। उन्होंने कहा कि वित्त मंत्रालय ने एचएनआई का जीना मुश्किल कर दिया है। उन्होंने कहा कि टैक्स के नियमों को सरल किया जाना चाहिए।











