पुतिन ने इससे पहले कहा था कि यूक्रेन को नाटो में शामिल होने से रोकने के लिए उन्होंने विशेष सैन्य अभियान शुरू किया है। रूसी राष्ट्रपति ने अपने ताजा बयान में रविवार को कहा, ' वे (पश्चिमी देश) फिनलैंड को अपने साथ मिला लिए और उसे नाटो में शामिल कर लिया। क्यों, क्या हमारा फिनलैंड से कोई विवाद था? एक क्षेत्रीय विवाद समेत सभी मुद्दों को 20वीं सदी में ही सुलझा लिया गया था।' उन्होंने फिनलैंड पर कहा, 'इसमें कोई दिक्कत नहीं है लेकिन अब वहां हो सकता है क्योंकि अब हम लेनिनग्राड मिलिट्री डिस्ट्रिक का निर्माण करेंगे। निश्चित रूप से वहां पर सैन्य यूनिटों पर अपना ध्यान केंद्रित करेंगे।'
फिनलैंड रूस से लगती सीमा को कर रहा मजबूत
पुतिन ने अमेरिकी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के उस बयान को भी खारिज कर दिया जिसमें उन्होंने चेतावनी दी कि अगर पुतिन ने यूक्रेन पर कब्जा कर लिया तो वह आगे बढ़ना जारी रखेंगे। बाइडन ने सुझाव दिया था कि रूस एक नाटो सहयोगी देश पर हमला कर सकता है और अमेरिकी सैनिकों को भी जंग में झोक सकता है। बाइडन के बयान पर पुतिन ने कहा, 'रूस के पास कोई कारण नहीं है, कोई हित नहीं है, न ही भूराजनीतिक हित है, न ही आर्थिक, न ही राजनीतिक या सैन्य, जिसकी वजह से नाटो देशों के साथ जंग लड़ा जाए।'
रूसी राष्ट्रपति बोले, 'हमारा उनके (नाटो देशों) के साथ रिश्ते खराब करने का कोई इरादा नहीं है। हम रिश्तों को विकसित करने में रुचि रखते हैं। बता दें कि फिनलैंड नाटो का 31वां देश बन गया है। गत अप्रैल महीने में फिनलैंड नाटो में शामिल हुआ था। इससे अब उत्तरी यूरोप की तरफ से भी नाटो की सीमा रूस से मिलने लगी है। पुतिन यूक्रेन पर हमला करने से पहले ही मांग कर रहे हैं कि नाटो देशों के विस्तार को रोका जाए। लेकिन यूक्रेन पर हमले के बाद फिनलैंड को अपना डर सताने लगा और उसने तटस्थता की नीति को तोड़ते हुए नाटो में शामिल होने का फैसला किया। अब फिनलैंड की सरकार सीमा पर बाड़ लगाने के लिए करोड़ों डॉलर खर्च करने जा रही है। फिनलैंड के सीमा सुरक्षा को मजबूत करने के ऐलान के बाद पुतिन की टेंशन बढ़ गई है।











