भोपाल। राजधानी में अरेरा हिल्स पर स्थित वल्लभ भवन (मंत्रालय) में तीसरी मंजिल पर शनिवार सुबह आग लग गई। लोगों ने जैसे ही बिल्डिंग की खिड़की से धुआं उठता देखा, तो अफरा-तफरी मच गई। तुरंत इसकी सूचना नगर निगम के फायर कंट्रोल रूम को दी गई। इसके बाद मौके पर दमकल गाड़ियां पहुंचीं और आग बुझाने का काम शुरू किया। माह का दूसरा शनिवार होने के कारण यहां कर्मचारी नहीं थे। फिलहाल वल्लभ भवन प्रशासन ने नुकसान के बारे में कोई जानकारी नहीं दी है।
आग गेट नंबर 5 और 6 के बीच बड़ी बिल्डिंग की तीसरी मंजिल पर लगी, जो फैलते हुए पांचवे फ्लोर तक पहुंच गई। हवा चलने के साथ आग तेजी से फैल रही है। बताया जा रहा है कि दमकल के पांच कर्मचारी फंस गए हैं। बिल्डिंग से उठती आग की लपटें और धुआं दूर से ही नजर आ रहा है। इस आग में कई अहम सरकारी दस्तावेजों के जलकर खाक होने की आशंका है। जहां आग लगी है वहां मुख्यमंत्री सचिवालय का रिकार्ड रूम है। मुख्यमंत्री से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेज संबधित काम काज यहीं से बैठकर अधिकारी करते है। इसके अलावा यहां राज्य मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल सहित अन्य राज्य मंत्रियों का बैठक कक्ष है। आग पर काबू पाने के प्रयास सफल नहीं हो पा रहे हैं। एक ओर से काबू पाने की कोशिश हुई तो दूसरी ओर भड़की। मुख्य सचिव वीरा राणा, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव राघवेंद्र सिंह सहित वरिष्ठ आइएएस अधिकारी मौके पर पहुंचे। आग को काबू में करने के लिए सेना को भी बुलाया गया है।
एसडीआरएफ की टीम पहुंची
एसडीआरएफ की टीम भी मौके पर पहुंचकर बचाव कार्य में जुट गई है। मौके पर पुलिस बल भी तैनात है। जोन-2 डीसीपी श्रद्धा तिवारी ने बताया कि फोर्स तुरंत यहां पहुंच गई थी। जितने भी फायर ब्रिगेड हैं, उनको बुला लिया गया है। दूसरी और तीसरी मंजिल की आग पर काबू पा लिया गया है, चौथे मंजिल पर आग बुझाने की कोशिश जारी है। एसडीआरएफ की टीम अंदर गई हुई है। अगर अंदर कोई भी अंदर फंसा होगा तो उसको निकालने की कार्रवाई जारी है।
गौरतलब है कि कि वल्लभ भवन प्रदेश शासन का सबसे अहम कार्यालय है, जिसमें मुख्यमंत्री समेत कई मंत्रियों के दफ्तर हैं। यहां सरकारी विभागों से जुड़े अहम दस्तावेज रखे हुए हैं।
याद आया सतपुड़ा भवन अग्निकांड
वल्लभ भवन में लगी इस आग ने पिछले साल सतपुड़ा भवन में आग की विभीषिका की याद दिला दी। 12 जून 2023 को वल्लभ भवन के नजदीक स्थित सतपुड़ा भवन में भीषण आग लग गई थी। उस आग पर अगले दिन जाकर काबू पाया जा सका था। आग को काबू पाने में 20 दमकलें लगी थी।











