जागृत एवं दर्शनीय तीर्थस्थल दादाजी धाम मंदिर, रायसेन रोड, पटेल नगर, भोपाल के तत्वावधान में 21 जून रविवार को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस उत्साह एवं श्रद्धा के साथ मनाया जाएगा। इस अवसर पर प्रातः 7:30 बजे से निःशुल्क योग शिविर आयोजित किया जाएगा, जिसमें श्रद्धालुजन, समाजजन एवं स्वास्थ्य के प्रति जागरूक नागरिक भाग लेंगे।
योग शिविर में अनुभवी योग प्रशिक्षक श्रीमती नीता श्रीवास्तव के मार्गदर्शन में विभिन्न योगासन, प्राणायाम, ध्यान एवं स्वास्थ्यवर्धक अभ्यास कराए जाएंगे। वरिष्ठ नागरिकों एवं विशेष आवश्यकता वाले सहभागियों के लिए चेयर योग की विशेष व्यवस्था भी रहेगी। आयोजकों ने सहभागियों से योग मैट तथा एक चुन्नी अथवा लंबा कपड़ा साथ लाने का अनुरोध किया है।
अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर वरिष्ठ इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. बृजेश श्रीवास्तव द्वारा योग एवं हृदय स्वास्थ्य विषय पर विशेष मार्गदर्शन भी प्रदान किया जाएगा। उन्होंने बताया कि योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि शरीर, मन और आत्मा के बीच संतुलन स्थापित करने वाली भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर है। आधुनिक चिकित्सा विज्ञान ने भी यह सिद्ध किया है कि नियमित योगाभ्यास हृदय को स्वस्थ रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
उन्होंने कहा कि उच्च रक्तचाप, मधुमेह, मोटापा, तनाव एवं शारीरिक निष्क्रियता जैसे हृदय रोगों के प्रमुख जोखिम कारकों को योग के माध्यम से काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है। नियमित योग एवं प्राणायाम से रक्तचाप नियंत्रित रहता है, हृदय गति संतुलित होती है, तनाव कम होता है तथा शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता में वृद्धि होती है।
डॉ. श्रीवास्तव ने बताया कि अनुलोम-विलोम, भ्रामरी, ध्यान, ताड़ासन, वृक्षासन एवं सूर्य नमस्कार जैसे योगाभ्यास हृदय स्वास्थ्य के लिए विशेष रूप से लाभकारी हैं। उन्होंने सभी नागरिकों से प्रतिदिन योग को जीवन का हिस्सा बनाने का आग्रह करते हुए कहा कि "योग केवल जीवन में वर्षों को नहीं जोड़ता, बल्कि वर्षों में जीवन भी जोड़ता है।"
श्री श्री 1008 श्री दादाजी गुरुदेव चैरिटेबल ट्रस्ट (रजि.), भोपाल के अध्यक्ष शिवरतन नामदेव एवं ट्रस्ट के सदस्यों ने सभी श्रद्धालुओं एवं नागरिकों से योग दिवस कार्यक्रम में अधिकाधिक संख्या में सहभागिता करने का आह्वान किया है।
उन्होंने कहा कि योग स्वस्थ तन, शांत मन एवं संतुलित जीवन का आधार है। आइए, अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर हम सभी योग को दैनिक जीवन का अंग बनाने का संकल्प लें और स्वस्थ, प्रसन्न एवं रोगमुक्त समाज के निर्माण में अपना योगदान दें।
"करें योग, रहें निरोग" स्वस्थ तन, शांत मन और संतुलित जीवन का आधार है योग।











