संयुक्त राष्ट्र महासभा: जब जयशंकर ने महात्मा गांधी के शब्दों का किया जिक्र, हॉल में जमकर बजने लगी तालियां

संयुक्त राष्ट्र महासभा: जब जयशंकर ने महात्मा गांधी के शब्दों का किया जिक्र, हॉल में जमकर बजने लगी तालियां
नई दिल्ली: विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने हाल ही में संयुक्त राष्ट्र महासभा ( UNGA ) के अपने संबोधन में महात्मा गांधी के प्रसिद्ध वचनों को याद किया। जयशंकर ने संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय के बाहर अंकित महात्मा गांधी के शब्दों का उल्लेख करते हुए कहा 'शांति का कोई रास्ता नहीं है, शांति ही रास्ता है।' एस जयशंकर ने वैश्विक शांति, विकास और स्थिरता के लिए महात्मा गांधी के विचारों को आज के समय में प्रासंगिक और प्रेरणास्त्रोत बताया। एस जयशंकर की बात पर संयुक्त राष्ट्र महासभा के हॉल में जमकर तालिया बजने लगी।

यूजर ने गोडसे का नाम लेकर किया ट्रोल

दरअसल, एक रजत जैन नाम के यूजर ने जयशंकर की इस स्पीच पर ट्रोल कर दिया। रजत जैन ने लिखा कि भारत में व्हाट्सएप पर ग्रुप चैट में गोडसे-गोडसे होता है। लेकिन ग्लोबल स्टेज के लिए गांधी का नाम लिया जाता है। देश में गांधी को इतिहास के पाठ का विलेन बताया जाता है। बता दें कि नाथूराम गोडसे ने ही महात्मा गांधी की गोली मारकर हत्या कर दी थी।

एस जयशंकर ने रूस-यूक्रेन युद्ध की चर्चा की

विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने रूस-यूक्रेन युद्ध खाड़ी क्षेत्र और पश्चिम एशिया के संकटों पर जोरदार तरीके से बोलते हुए उन्होंने कहा कि रणभूमि से कभी भी किसी समस्या का स्थायी समाधान नहीं निकल सकता। इसके लिए केवल बातचीत और कूटनीति ही एकमात्र रास्ता हैं।

ग्लोबल साउथ और '4F' संकट पर बोले जयशंकर

एस जयशंकर ने इस बात पर जोर दिया गया कि चल रहे युद्धों और चरम प्रतिस्पर्धा की सबसे बड़ी कीमत उन देशों को चुकानी पड़ रही है जो इन टकरावों से कोसों दूर हैं। विकासशील देश आज 4F संकट से जूझ रहे हैं। जिनमें Food (खाद्यान्न), Fuel (ईंधन), Fertiliser (उर्वरक) और Finance (वित्त) शामिल हैं, जिससे उनकी तरक्की थम गई है।
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