जगन्नाथन ने आईआईटी मद्रास से मैकेनिकल इंजीनियरिंग और कॉर्नेल यूनिवर्सिटी से एमएस की डिग्री लेने वाले 1970 के दशक की शुरुआत में तमिलनाडु प्रिंटर्स एंड ट्रेडर्स को संभाला। उनकी बनाई हुई खास गैस्केट-रिलीज सिस्टम ने प्रेशर कुकर की सुरक्षा को नए स्तर पर पहुंचाया और प्रेस्टीज को हर घर का नाम बना दिया। जगन्नाथन ने कुकवेयर, किचन अप्लायंसेज और होम-केयर प्रोडक्ट्स में लगातार कंपनी को आगे बढ़ाया। उन्होंने प्रेस्टीज स्मार्ट किचन रिटेल नेटवर्क के जरिए अपनी पहुंच बढ़ाई और बाद में इलेक्ट्रिक अप्लायंसेज और क्लीनिंग सॉल्यूशंस में भी कदम रखा।
कंपनी में हिस्सेदारी
जगन्नाथन भारतीय उद्योगपतियों की उस पहली पीढ़ी के थे जिन्होंने इंजीनियरिंग की महारत और मैनेजमेंट की अनुशासन को मिलाकर दुनिया भर में कॉम्पिटिटिव बिजनेस बनाए। उनके नेतृत्व में टीटीके ग्रुप ने हेल्थकेयर और पर्सनल केयर जैसे कई नए सेक्टर में एंट्री की और एसएसएल इंटरनेशनल के साथ मिलकर Durex कंडोम का ज्वाइंट वेंचर भी शुरू किया।उन्होंने इंडियन गोल्फ यूनियन के प्रेसिडेंट के तौर पर भी काम किया। वह टीटीके हॉस्पिटल, टी.टी. रंगनाथन क्लिनिकल रिसर्च फाउंडेशन और चेन्नई के रोटरी-टीटीके ब्लड बैंक जैसी सामाजिक और शैक्षिक पहलों में भी सक्रिय थे। उनके पास TTK Prestige Ltd के 42 लाख से ज्यादा शेयर थे जो लगभग 3.1% हिस्सेदारी के बराबर है।











