अमेरिका ने 27 अगस्त से भारतीय वस्तुओं पर 50% टैरिफ लगाया था। 7 फरवरी से अमेरिका ने 25% एक्स्ट्रा टैरिफ हटा दिए हैं। रेसिप्रोकल टैरिफ 25% से घटाकर 18% किए जाने हैं। इससे भारत के निर्यात क्षेत्रीय साथियों के बीच प्रतिस्पर्धी स्थिति में आ गए हैं।
पिछले साल सितंबर, अक्टूबर और दिसंबर में भी निर्यात में गिरावट आई थी। हालांकि नवंबर में 22.61% की बढ़ोतरी देखी गई थी। इसी अवधि में अमेरिका से आयात 23.71% बढ़कर 4.5 अरब डॉलर हो गया। चालू वित्तीय वर्ष के अप्रैल से जनवरी के दौरान अमेरिका को भारत का निर्यात 5.85% बढ़कर 72.46 अरब डॉलर हो गया। वहीं, आयात 13.87% बढ़कर 43.92 अरब डॉलर पहुंच गया।
चीन को एक्सपोर्ट में बढ़ोतरी
चीन को निर्यात जनवरी में 55.65% बढ़कर 1.63 अरब डॉलर हो गया, जबकि चीन से आयात 16.67% बढ़कर 12.23 अरब डॉलर हो गया। अप्रैल-जनवरी अवधि में चीन को निर्यात 38.37% बढ़कर 15.88 अरब डॉलर हो गया, जबकि आयात 13.82% बढ़कर 108.18 अरब डॉलर हो गया।आंकड़ों से क्या मिलता है संकेत?
आयात पक्ष पर रूस, इराक, कोरिया, जर्मनी, थाईलैंड और ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों से इनफ्लो में गिरावट आई। वहीं, यूएई, सऊदी अरब, स्विट्जरलैंड, सिंगापुर, जापान और इंडोनेशिया से आयात बढ़ा। भारत मुख्य रूप से स्विट्जरलैंड से सोना आयात करता है। इस देश से खरीद जनवरी में 836.85% बढ़कर 3.95 अरब डॉलर हो गई।ग्लोबल ट्रेड रिसर्च इनिशिएटिव (GTRI) के अनुसार, जनवरी 2026 के ताजा व्यापार आंकड़े भारत के निर्यात प्रदर्शन पर अमेरिकी टैरिफ के असर को दिखाते हैं। साथ ही अन्य बाजारों में डायवर्सिफिकेशन के शुरुआती संकेत भी देते हैं।











