SBI रिसर्च ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि भारत के मुकाबले अमेरिका की GDP, महंगाई और करंसी के नीचे जाने का ज्यादा रिस्क है। रिपोर्ट के मुताबिक मौजूदा ट्रेड वार के आर्थिक नतीजों को देखें तो यह अचरज की बात नहीं है कि अमेरिका पर भारत के मुकाबले अधिक बुरा असर पड़ेगा। SBI रिसर्च ने बताया कि अमेरिका में फिर से महंगाई का दबाव दिखना शुरू हो गया है।
अनुमान है कि अमेरिका में महंगाई 2026 तक 2 परसेंट के तय टारगेट से ऊपर ही रहेगी। ऐसा टैरिफ के सप्लाई-साइड इफेक्ट्स और एक्सचेंज रेट में बदलाव की वजह से होगा। SBI रिसर्च ने बताया कि शॉर्ट-टर्म में अमेरिकी टैरिफ की वजह से एक औसत अमेरिकी घर पर करीब 2,400 डॉलर का बोझ पड़ने का अनुमान है। वजह, टैरिफ से बढ़ने वाली महंगाई के कारण कीमतें बढ़ना है।
अहम पॉइंट्स
- 25%: भारतीय एक्सपोर्ट्स पर प्रस्तावित टैरिफ।
- 30 जुलाई: ट्रंप ने इस टैरिफ का ऐलान किया।
- 1 अगस्त: टैरिफ लागू होने की डेडलाइन।
- 7 अगस्त: नए टैक्स के लागू होने की नई तारीख
- 0%: पहले कुछ भारतीय सामानों (हीरे, स्मार्टफोन, फार्मा प्रोडक्ट्स) पर लगने वाला टैरिफ।
- 10.8%: पहले कुछ भारतीय सामानों पर लगने वाला अधिकतम टैरिफ।
एक्सपोर्ट के आंकड़े
- 20%: FY25 में अमेरिका में भारत के कुल एक्सपोर्ट की हिस्सेदारी।
- 10%: भारत के टॉप एक्सपोर्ट डेस्टिनेशन देशों की संख्या।
- 53%: टॉप 10 देशों का भारत के कुल एक्सपोर्ट में हिस्सा।











