ट्रंप की पहल से बढ़ गई थी टेंशन
टैक्स की समयसीमा से पहले टेंशन बढ़ गया था। ट्रंप ने कनाडा से आने वाले स्टील और एल्युमीनियम पर टैक्स दोगुना करके 50% करने की धमकी दी थी। लेकिन, बाद में वह पीछे हट गए। ओंटारियो के प्रीमियर डग फोर्ड ने मिनेसोटा, मिशिगन और न्यूयॉर्क को बिजली निर्यात पर अपने प्रांत का 25% सरचार्ज हटाने पर सहमति जताई थी। यह सरचार्ज तब तक हटा रहेगा जब तक अमेरिका के पुराने टैक्स वापस नहीं ले लिए जाते।ट्रंप प्रशासन का मानना है कि ये टैक्स घरेलू उद्योगों की रक्षा करेंगे। इससे अमेरिकी कंपनियों को फायदा होगा और नौकरियां बढ़ेंगी। लेकिन, आलोचकों का कहना है कि इससे कीमतें बढ़ेंगी और व्यापार युद्ध छिड़ सकता है। ये टैक्स कई देशों के साथ अमेरिका के संबंधों को प्रभावित कर सकते हैं। खासकर कनाडा और यूरोपीय संघ के साथ, जिन पर पहले छूट दी गई थी।अमेरिका के साथ संबंधों पर आ सकती है आंच
ट्रंप ने व्यापार को लेकर हमेशा सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने कई देशों के साथ व्यापार समझौतों पर फिर से बातचीत की है। उनका मानना है कि मौजूदा समझौते अमेरिका के लिए अनुचित हैं। स्टील और एल्युमीनियम पर टैक्स उनकी इसी नीति का हिस्सा हैं। इससे पहले कुछ देशों को इन टैक्स से छूट मिली हुई थी। लेकिन, अब ये छूट खत्म हो गई है। इससे वैश्विक व्यापार में और उथल-पुथल मच सकती है। कई देश इसका विरोध कर रहे हैं और जवाबी कार्रवाई की तैयारी कर रहे हैं।अमेरिकी राष्ट्रपति ने कनाडा, मेक्सिको और चीन पर अलग-अलग टैरिफ लगाए हैं। साथ ही दो अप्रैल से यूरोपीय संघ, ब्राजील और दक्षिण कोरिया से आयात पर भी ‘जवाबी’ दरों पर टैक्स लगाने की योजना बनाई है।
