पलामू से तीन नक्सली गिरफ्तार, उधर चाईबासा में चार दिन में चौथा मर्डर
मेदिनीनगर/चाईबासा: झारखंड के पलामू जिले से बुधवार को टीएसपीसी के तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने यह जानकारी दी। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि छतरपुर उपमंडल क्षेत्र में माओवाद रोधी एक विशेष अभियान के तहत तीनों माओवादियों को पकड़ा गया। छतरपुर के अनुमंडल पुलिस अधिकारी (एसडीपीओ) अजय कुमार ने कहा, 'संगठन के अन्य सदस्यों को पकड़ने के लिए अभियान अभी भी जारी है।' उन्होंने बताया कि गिरफ्तार माओवादियों की पहचान गोविंद यादव, शंभू परहिया और मोती साव के रूप में हुई है।चाईबासा में चार दिन में चौथा मर्डर
झारखंड के चाईबासा (पश्चिमी सिंहभूम) में एक व्यक्ति की पत्थर से कूचकर हत्या की गई है। उसका शव गोईलकेरा थाना क्षेत्र के बिला गांव चौक के पास सड़क किनारे पाया गया। चार दिनों में इस तरह की चौथी घटना है। शव की पहचान नहीं हो पाई है। आशंका जताई जा रही है कि नक्सलियों ने ही यह वारदात अंजाम दी है। चाईबासा के एसपी आशुतोष शेखर ने कहा कि जिस स्थान से शव बरामद किया गया है, उस स्थान पर नक्सलियों का कोई पर्चा नहीं मिला है। हत्या नक्सलियों ने की है या फिर इसके पीछे कोई और है, यह जांच से जाहिर होगा।
पहले भी चाईबासा में नक्सलियों ने तीन लोगों को मारा
बता दें कि इसके पहले तीन दिनों में नक्सलियों ने तीन ग्रामीणों को पुलिस की मुखबिरी के आरोप में मौत के घाट उतारा है। नक्सली कमांडर मिसिर बेसरा के दस्ते ने मंगलवार को टोंटो थाना क्षेत्र के रेंगड़ाहातु गांव निवासी सुपाई मुंडा की गला रेतकर हत्या कर दी थी। इसके पहले सोमवार को चाईबासा के गोइलकेरा थाना क्षेत्र अंतर्गत राजाबासा-लावाबेड़ा गांव में अर्जुन सुरीन नामक व्यक्ति की हत्या कर शव को पेड़ से लटका दिया था। रविवार को भी इसी थाना क्षेत्र के गितिलपी में रांदो सुरीन नामक व्यक्ति की हत्या गला रेतकर कर दी गई थी। उसका शव नक्सलियों ने सड़क पर फेंक दिया था। शव के पास उन्होंने पर्चे भी फेंके थे, जिसमें कहा गया था कि उसे पुलिस की मुखबिरी करने की वजह से सजा-ए-मौत दी गई है।











