-कंपनी ने ऑपरेशन रेवेन्यू में 17% की तेजी आई है जो Q2FY22-23 में 180.3 करोड़ रुपये से बढ़कर Q2FY23-24 में 210.46 करोड़ रुपये हो गया है।
-कर पश्चात लाभ (PAT) ने उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की। यह Q2FY22-23 में 4.21 करोड़ रुपये से बढ़कर Q2FY23-24 में 9.53 करोड़ रुपये हो गया।
-कंपनी ने EBITDA मार्जिन में भी वृद्धि दर्ज की, जो Q2FY22-23 में 5.74% से बढ़कर Q2FY23-24 में 8.08% हो गया।
अन्य प्रमुख हाइलाइट्स:
वित्तीय वर्ष की पहली और दूसरी तिमाही के दौरान कंपनी की वॉल्यूम ग्रोथ दोहरे अंकों में रही। यह ग्रोथ ग्रामीण और शहरी दोनों बाजारों में देखी गई, जो बढ़े हुए उपभोक्ता खर्च और व्यावसायिक गतिविधि में उल्लेखनीय वृद्धि से प्रेरित थी।
इसके अतिरिक्त, ब्लैक मास्टरबैच की मांग में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। कंपनी ने ब्लैक मास्टरबैच के लिए अपनी उत्पादन क्षमता बढ़ाकर इस मांग का सक्रिय रूप से जवाब दिया। रुड़की मैन्यूफैक्चरिंग यूनिट ने दूसरी तिमाही में ब्लैक मास्टरबैच की वाणिज्यिक बिक्री शुरू की। ब्लैक मास्टरबैच उत्पादन के लिए तीसरी तिमाही से पालसाना यूनिट चालू हो जाएगी।
-कर पश्चात लाभ (PAT) ने उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की। यह Q2FY22-23 में 4.21 करोड़ रुपये से बढ़कर Q2FY23-24 में 9.53 करोड़ रुपये हो गया।
-कंपनी ने EBITDA मार्जिन में भी वृद्धि दर्ज की, जो Q2FY22-23 में 5.74% से बढ़कर Q2FY23-24 में 8.08% हो गया।
अन्य प्रमुख हाइलाइट्स:
वित्तीय वर्ष की पहली और दूसरी तिमाही के दौरान कंपनी की वॉल्यूम ग्रोथ दोहरे अंकों में रही। यह ग्रोथ ग्रामीण और शहरी दोनों बाजारों में देखी गई, जो बढ़े हुए उपभोक्ता खर्च और व्यावसायिक गतिविधि में उल्लेखनीय वृद्धि से प्रेरित थी।इसके अतिरिक्त, ब्लैक मास्टरबैच की मांग में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। कंपनी ने ब्लैक मास्टरबैच के लिए अपनी उत्पादन क्षमता बढ़ाकर इस मांग का सक्रिय रूप से जवाब दिया। रुड़की मैन्यूफैक्चरिंग यूनिट ने दूसरी तिमाही में ब्लैक मास्टरबैच की वाणिज्यिक बिक्री शुरू की। ब्लैक मास्टरबैच उत्पादन के लिए तीसरी तिमाही से पालसाना यूनिट चालू हो जाएगी।
दूसरी तिमाही के दौरान, कंपनी ने ओडिशा में ODISHA PLAST International Expo 2023 और श्रीलंका में COMPLAST प्रदर्शनी में सक्रिय रूप से भाग लिया। इन आयोजनों ने कंपनी को पॉजिटिव रिस्पॉन्स मिला है जो भविष्य में कंपनी के प्रॉडक्ट्स के लिए अच्छा संकेत है। ये आंकड़े कंपनी की विकास, वित्तीय मजबूती और उद्योग के भीतर चुनौतियों से निपटने और अवसरों का लाभ उठाने के लिए सक्रिय रणनीतियों के प्रति समर्पण को दिखाते हैं।
कंपनी प्रोफाइल:
1991 में स्थापित, प्लास्टिब्लेंड्स इंडिया लिमिटेड कोलसाइट समूह की कंपनियों का हिस्सा है। कंपनी सफेद, काले और रंगीन मास्टरबैच और यौगिकों के उत्पादन में महारत रखती है। इनका इस्तेमाल प्लास्टिक्स में होता है। इतना ही नहीं, इस स्टॉक में उल्लेखनीय बाइंग एक्टिविटी देखी जा रही है और इसने इस साल अब तक 42 परसेंट से अधिक रिटर्न दिया है।











