लोगों को रास आएगा यह इलाका
अभी तक सेक्टर-18 के एरिया को नोएडा का कमर्शल हब माना जाता रहा है लेकिन अब सेक्टर-75 व उसके आसपास के सेक्टरों में बड़े स्तर पर कमर्शल स्पेस तैयार हो रहा है। इसके तैयार होने से नोएडा के सेक्टर-18 के अलावा लोगों को यहां जाना ज्यादा रास आने वाला है क्योंकि 18 में ओपन पार्किंग की दिक्कत बनी रहती है वहीं सेक्टर-18 पुराना कमर्शल हब होने की वजह से यहां भीड़ भाड़ भी ज्यादा रहती है जिसके चलते अब लोगों को ऐसी जगह की तलाश भी बनी हुई जहां पर ज्यादा भीड़ भाड़ न हो और उनकी जरूरत के अनुसार सुविधाएं भी मिल जाएं।स्टार्टअप और कोचिंग सेंटर्स के लिए बेस्ट
स्टार्टअप और कोचिंग सेंटरों के लिए बेस्ट हैं यह लोकेशन बता दें कि विभिन्न प्रकार की कोचिंग के लिए नोएडा में या तो बच्चे सेक्टर-62 की ओर जाते हैं या फिर सेक्टर-18 जाते हैं। इसके बाद बाकी बच्चे दिल्ली के कोचिंग सेंटरों में जाते हैं। यहां तैयार हो रहे कमर्शल स्पेस में यदि विभिन्न प्रकार के कोचिंग सेंटर और स्टार्टअप्स के ऑफिस स्पेस खोले जाएं तो बहुत ही सफल साबित होंगे क्योंकि यह एरिया एक तो हाईराईज सोसायटीज का हब है जहां हजारों की संख्या में छात्र है। अधिकांश छात्र आजकल 9 वीं से ही कोचिंग शुरु कर देते हैं। जो 9 वीं से नहीं करते वह 11 वीं से हर हाल में शुरु करते हैं। ऐसे में पैरंट्स स्कूल गोईंग इस बच्चों को दूर के सेक्टरों में भेजना नहीं चाहते हैं।पार्किंग के भी पूरे हैं इंतजाम
इस एरिया में फैमिली के साथ वीकली आउटिंग पर जा सकते हैं या फिर बच्चे दोस्तो के साथ पार्टी कर सकते हैं। खास बात यह भी कि कमर्शल स्पेस की यह जो भी नई बिल्डंग तैयार हो रही हैं उनमें सभी में पार्किंग की दुरुस्त व्यवस्था है जिसके चलते लोगों को परेशानी नहीं होने वाली है। इस लिए ऐसा माना जा रहा है कि सेक्टर-75 का एरिया शहर नए कमर्शल हब के रूप में तैयार हो रहा है। इस पूरे हाईराइज सोसायटीज के हब को 7एक्स एरिया के नाम से जाना जाता है। जहां कि अनुमान के मुताबिक 3 लाख से ज्य़ादा लोगों की आबादी रहती है। जिनकी सेक्टर-75 में स्थित स्पैक्ट्रम मॉल से सीधी कनेक्टीविटी है।
पूरे 7 एक्स एरिया की किसी भी सोसयाटी से स्पैक्ट्रम मॉल तक जाने में 5 मिनट से ज्य़ादा का समय नहीं लगता है। इसलिए इस एरिया में डिवेलप हो रहे कमर्शल विकल्पों का सफल होना निश्चित माना जा रहा है। अब स्थिति यह कि यहां के लोगों ने वीकेंड्स पर आसपास में ही मौजूद विकल्पों पर जाना शुरु कर दिया है। क्योंकि जाम से बचने और समय बचाने की प्राथमिकता लोगों में रहती है।











