कैसे हुई शुरुआत?
करीब एक दशक पहले की बात है। बिजेश दुबई गए थे। वहां ओणम फेस्टिवल के दौरान उन्हें दावत के लिए ताजे केले तलाशने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। उस दौरान वह एक प्राइवेट कंपनी में काम करते थे। केले के पत्तों की मशक्कत के दौरान उनके दिमाग में आइडिया आया कि अगर यहां रहने वाले भारतीयों को भी भारत की तरह आसानी से केले के पत्ते मिलने लगे तो कितना अच्छा होगा। बस, यहीं ये उने दिमाग में कारोबार का कीड़ा पैदा हो गया।इस विचार से प्रेरित होकर 47 साल के बिजेश ने अपनी नौकरी छोड़ी और अपने गृहनगर त्रिशुर लौट आए। यहां उन्होंने जरूरी लाइसेंस लिए 35 परिवारों द्वारा उगाई गईं 160 किलो सब्जियों का निर्यात करके अपने कारोबार को शुरू किया। आज उनकी कंपनी नेचर बीट्स ऑर्गेनिक दुबई में 1000 से अधिक फैमिली को जैविक सब्जियां उपलब्ध कराती है। यही नहीं, उनकी अल कुसैस में एक रिटेल शॉप भी है।











