शाला प्रवेशोत्सव का कार्यक्रम है और मुख्यमंत्री के सामने कुम्हार का चाक है और आसपास ढेर सारे बच्चे। मुख्यमंत्री विकसित छत्तीसगढ़ 2047 के विजन पर काम कर रहे हैं। विकसित छत्तीसगढ़ को भी अपने विजन के अनुरूप आकार देना है जैसे चाक से दीया तैयार हो रहा है। बच्चों की पढ़ाई लिखाई पर छत्तीसगढ़ में जितनी मेहनत और जतन किये जा रहे हैं उससे निश्चित ही स्वर्णिम भविष्य के लिए ठोस नींव रखी जा रही है
जिस तरह कुम्हार चाक में मिट्टी को आकार देता है, उसी तरह से जन-जन के सपनों के छत्तीसगढ़ को भी आकार मिलेगा।
