अपने संबोधन में विधायक ललित चंद्राकर ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 शिक्षा व्यवस्था में व्यापक बदलाव का माध्यम है। उन्होंने कहा कि यह नीति केवल डिग्री हासिल करने तक सीमित नहीं है, बल्कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, कौशल विकास, नवाचार और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण पर विशेष जोर देती है।
उन्होंने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि “आज का युवा नौकरी मांगने वाला नहीं, बल्कि नौकरी देने वाला बने। स्टार्टअप शुरू करें, नवाचार करें और अपने कौशल के माध्यम से दूसरों के लिए भी रोजगार के अवसर पैदा करें।”
विधायक ने भारतीय शिक्षा परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि नालंदा और तक्षशिला जैसे विश्वविद्यालय कभी विश्वभर के विद्यार्थियों के लिए ज्ञान के प्रमुख केंद्र थे। उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति उसी गौरवशाली परंपरा को आधुनिक स्वरूप में आगे बढ़ाने का प्रयास है।
विधायक ने भारतीय शिक्षा परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि नालंदा और तक्षशिला जैसे विश्वविद्यालय कभी विश्वभर के विद्यार्थियों के लिए ज्ञान के प्रमुख केंद्र थे। उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति उसी गौरवशाली परंपरा को आधुनिक स्वरूप में आगे बढ़ाने का प्रयास है।
