सारंगी ने कहा कि इंपोर्ट पर अंकुश को लेकर इनसे जुड़े लोगों की चिंताओं को ध्यान में रखते हुए नीति में कुछ बदलाव किए गए हैं और आयातकों के लिए 'एंड-टू-एंड' ऑनलाइन सिस्टम शुरू किया गया है। सारंगी ने कहा कि यह सिस्टम आयातकों के लिए बिना कहीं जाए और बिना संपर्क डिटेल भरने की सुविधा प्रदान करेगी। नई लाइसेंस व्यवस्था लैपटॉप, पर्सनल कंप्यूटर (टैबलेट कंप्यूटर सहित), माइक्रो कंप्यूटर, बड़े या मेनफ्रेम कंप्यूटर और कुछ डेटा प्रोसेसिंग मशीनों पर लागू है।
भारत के इस फैसले से चीन को लगेगा झटका, लैपटॉप, कंप्यूटर इंपोर्ट के नियम में फिर से बदलाव
नई दिल्ली : सरकार ने लैपटॉप और कंप्यूटर के इंपोर्ट पर लाइसेंसिंग मानदंडों में बदलाव किया है। अब इन उत्पादों के आयातकों के लिए एक ऑनलाइन मंजूरी सिस्टम बनाया गया है। डायरेक्टर जनरल ऑफ फॉरेन ट्रेड (DGFT) संतोष कुमार सारंगी ने गुरुवार को बताया कि नई लाइसेंसिंग या मंजूरी व्यवस्था का मकसद मुख्य रूप से इन उत्पादों के आयात की निगरानी करना है। यह सुनिश्चित किया जा सके कि वे विश्वसनीय सोर्स से आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह व्यवस्था तत्काल प्रभाव से लागू होगी।
क्यों अहम है सरकार का ये फैसला
यह घोषणा इसलिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि सरकार ने चार अगस्त को घोषणा की थी कि घरेलू मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने और चीन जैसे देशों से आयात में कटौती करने के उद्देश्य से आयातकों को एक नवंबर से इन वस्तुओं के आयात के लिए लाइसेंस की जरूरत होगी।











