भारत से साथ एक ट्रिलियन डॉलर क्लब में शामिल हुए थे ये दो देश, अब छूट गए हैं काफी पीछे

भारत से साथ एक ट्रिलियन डॉलर क्लब में शामिल हुए थे ये दो देश, अब छूट गए हैं काफी पीछे
नई दिल्ली: भारत की इकॉनमी तेजी से ग्रोथ कर रही है। साल 2030 तक भारत के दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी इकॉनमी बनने का अनुमान है। अभी अमेरिका, चीन, जापान और जर्मनी के बाद भारत दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी इकॉनमी है। भारत की जीडीपी का साइज 3.4 ट्रिलियन डॉलर पहुंच चुका है। भारत साल 2007 में वन ट्रिलियन डॉलर क्लब में शामिल हुआ था। उसी साल दो और देश यानी रूस और मेक्सिको भी इस एलीट क्लब में शामिल हुए थे। लेकिन हाल के वर्षों में भारत ने तेजी से ग्रोथ करके इन दोनों को रेस में कहीं पीछे छोड़ दिया है। टॉप इकॉनमी वाले देशों की लिस्ट में रूस आठवें और मेक्सिको 14वें नंबर पर है।

अमेरिका एक ट्रिलियन डॉलर की इकॉनमी बनने वाला दुनिया का पहला देश था। उसने 1969 में यह उपलब्धि हासिल की थी। उसके नौ साल बाद यानी 1978 में जापान भी वहां पहुंच गया। जर्मनी 1986 और फ्रांस 1988 में इस क्लब का हिस्सा बने। इटली को 1990 में इसकी सदस्यता मिली जबकि चीन ने 1998 में यह मुकाम हासिल किया। 2004 में कनाडा और स्पेन, 2006 में दक्षिण कोरिया और ब्राजील इस क्लब का हिस्सा बने। 2007 में तीन देशों भारत, मेक्सिको और रूस को यह मुकाम हासिल हुआ। 2008 में ऑस्ट्रेलिया, 2017 में इंडोनेशिया, 2021 में नीदरलैंड्स, 2022 में सऊदी अरब और 2023 में तुर्की भी वन ट्रिलियन डॉलर क्लब का हिस्सा बन गए।

पीछे छूट गए रूस और मेक्सिको

investopedia.com के मुताबिक 2022 में भारत की इकॉनमी का साइज 3.39 ट्रिलियन डॉलर था। साल 1991 में आर्थिक उदारीकरण के बाद भारत की इकॉनमी ने रफ्तार पकड़ी। आज भारत हर क्षेत्र में झंडे गाड़ रहा है। आईएमएफ और वर्ल्ड बैंक के मुताबिक इस साल भी भारत दुनिया की सबसे तेज इकॉनमी बना रहेगा। दूसरी ओर रूस 2.24 ट्रिलियन डॉलर की इकॉनमी के साथ दुनिया की आठवीं सबसे बड़ी इकॉनमी है। सोवियत संघ के टूटने के बाद रूस की इकॉनमी अलग रास्ते पर चल रही है। मेक्सिको 1.41 ट्रिलियन डॉलर की इकॉनमी है। पिछले एक दशक में उसने अमेरिका और कनाडा समेत कई देशों के साथ ट्रेड एग्रीमेंट्स किए हैं।

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