विशाखापट्टनम के मैदान पिच से बल्लेबाजों को खूब मदद मिलती है। अच्छी उछाल के कारण गेंद और बैट संपर्क बहुत अच्छा होता है। ऐसे में उम्मीद है कि मुकाबला हाई स्कोरिंग होगा। हालांकि गेंदबाज भी इस पिच से मदद हासिल कर सकते हैं, लेकिन इसके लिए उसे यॉर्कर और बाउंसर का सही इस्तेमाल करना होगा। इसके अलावा पाटा पिच होने के कारण स्पिन के खिलाफ बल्लेबाजों को खुलकर खेलने की आजादी मिल जाती है। ऐसे में दिल्ली और केकेआर के बीच मुकाबले में खूब चौके और छक्के देखने को मिल सकते हैं।
वहीं बात करें टॉस की तो इस पिच पर इसका कोई खास असर नहीं है। इस मैदान पर अब तक कुल 14 टी20 मुकाबले खेले गए हैं जिनमें से 7 बार पहले बैटिंग करने वाली टीम ने जीत हासिल की है और 7 बार दूसरी पारी में बैटिंग करने वाली टीम को सफलता मिली है। ऐसे में इस मैदान पर किसी भी स्कोर को सुरक्षित नहीं माना जा सकता है।
इस सीजन में खेला गया है एक मैच
विशाखापट्टनम के इस मैदान पर इस सीजन में अभी सिर्फ एक ही मैच खेला गया है। यह मुकाबला दिल्ली कैपिटल्स और चेन्नई सुपर किंग्स के बीच था। मैच में दिल्ली कैपिटल्स की टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 5 विकेट के नुकसान पर 191 रन का स्कोर खड़ा किया था। इसके बाद दूसरी पारी में सीएसके की टीम ने 171 रन ही बना सकी। इस तरह दिल्ली और सीएसके के बीच मुकाबले में कुल 362 रन बने थे। ऐसा ही कुछ दिल्ली-केकेआर के बीच मैच में भी देखने को मिल सकता है।
विशाखापट्टनम के इस मैदान पर इस सीजन में अभी सिर्फ एक ही मैच खेला गया है। यह मुकाबला दिल्ली कैपिटल्स और चेन्नई सुपर किंग्स के बीच था। मैच में दिल्ली कैपिटल्स की टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 5 विकेट के नुकसान पर 191 रन का स्कोर खड़ा किया था। इसके बाद दूसरी पारी में सीएसके की टीम ने 171 रन ही बना सकी। इस तरह दिल्ली और सीएसके के बीच मुकाबले में कुल 362 रन बने थे। ऐसा ही कुछ दिल्ली-केकेआर के बीच मैच में भी देखने को मिल सकता है।











