संयुक्त राष्ट्र की ओर से घोषित आतंकवादी और 1993 के मुंबई बम विस्फोटों के मुख्य आरोपी दाऊद इब्राहिम कराची में रहता रहा है, ये कई बार दुनिया के सामने आया है। पाकिस्तान की ओर से सालों तक इस बात को बार-बार नकारा गया है लेकिन कराची में दाऊद के नाम पर तीन मकान हैं। पाकिस्तान सरकार के दस्तावेज में वाइट हाउस, कराची को कराची शहर में दाऊद के तीन पतों में से एक के रूप में सूचीबद्ध किया था, जहां लंबे समय तक दाऊद का ठिकाना रहा।
कराची में घर नहीं 'किला' है वाइट हाउस, 30 साल से रह रहा दाऊद इब्राहिम, ISI का 24 घंटे रहता है कड़ा पहरा
इस्लामाबाद: दाउद इब्राहिम को पाकिस्तान में उसके घर के भीतर ही जहर दिए जाने की चर्चा है। कुछ अपुष्ट सूत्र दाऊद की मौत हो जाने की बात कह रहे हैं तो कुछ रिपोर्ट में उसके उसके गंभीर हालत में अस्पताल में होने का जिक्र है। 67 साल का अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम बीते करीब 30 साल से कराची में है, जहां वह पाक की खुफिया एजेंसी के कड़े सुरक्षा बंदोबस्त के बीच रहता है। दाऊद का घर कराची में किसी किले से कम नहीं है। बहुत कम लोगों को ही उसके घर में एंट्री मिलती रही है। कई बार उसके बीमार होने या परिवार में फंक्शन होने की बात सामने आई लेकिन हमेशा उसको मीडिया और कैमरों से बचाकर रखा गया।
दाऊद पाकिस्तान के संरक्षण में कराची में रहता रहा है। उसके काफिले में तीन बुलेट प्रूफ कारें शामिल रही हैं, जिनसे वह इस्लामाबाद जाता रहा है। ये कारें उसको आईएसआई की ओर से दी गई हैं। संयुक्त राष्ट्र के कुछ समय पहले आए एक बयान में दाऊद के पास रावलपिंडी के पते का पासपोर्ट होना भी बताया गया था। संयुक्त राष्ट्र के मुताबिक दाऊद 1980 और 1990 के दशक की शुरुआत में भारतीय और संयुक्त अरब अमीरात के पासपोर्ट रखता था। मुंबई हमलों के समय वह भारत से भागा और फिर पाकिस्तान को अपना ठिकाना बनाया।











