ट्रिब्यूनल ने भी माना, चंदा कोचर ने वीडियोकोन को लोन देने के लिए करोड़ों रुपये की रिश्वत ली थी
नई दिल्ली: देश में निजी क्षेत्र का बड़ा बैंक है ICICI Bank। इसकी पूर्व CEO चंदा कोचर को एक मामले में दोषी पाया गया है। उन पर आरोप है कि उन्होंने अपने पति के ज़रिए वीडियोकॉन ग्रुप (Videocon Group) से रिश्वत ली थी। यह रिश्वत 64 करोड़ रुपये की थी। एक अपीलीय न्यायाधिकरण या ट्रिब्यूनल (Tribunal) ने बीते 3 जुलाई को एक आदेश जारी किया है। इस आदेश में कहा गया है कि यह पैसा वीडियोकॉन ग्रुप को 300 करोड़ रुपये का लोन देने के बदले में दिया गया था। इसे 'क्विड-प्रो-क्वो' कहा गया है, जिसका मतलब है 'कुछ देना और कुछ लेना'।
ईडी की बातों को सही माना
अपीलीय न्यायाधिकरण ने प्रवर्तन निदेशालय (ED) की बातों को सही माना है। न्यायाधिकरण ने कहा, "ED ने जो इतिहास बताया है, उसे सबूतों से समर्थन मिलता है। PMLA एक्ट की धारा 50 के तहत दिए गए बयानों को भी ध्यान में रखा गया है। ये बयान कानूनी रूप से मान्य हैं और इन पर भरोसा किया जा सकता है।" इसका मतलब है कि ED ने जो आरोप लगाए हैं, वे सही हैं।











