अगस्त, 2024 में ढाका छोड़ने को मजबूर होने के बाद भारत में रह रही शेख हसीना ने क्रिसमस के मौके पर अपना संदेश जारी किया है। इस मैसेज में हसीना ने यूनुस सरकार को सीधेतौर पर धर्म के आधार पर भेदभाव करने वाला शासक कहा है। हसीना ने कहा कि बांग्लादेश के लोग इस बुरे दौर को ज्यादा समय तक चलने नहीं देंगे। यूनुस की सरकार को लोग जल्दी ही उखाड़ कर फेंक देंगे।
बांग्लादेश में दो हिंदू युवकों की हत्या
बांग्लादेश में एक हफ्ते के अंदर दो हिंदू युवाओं की मॉब लिंचिंग की घटना सामने आई है। बुधवार रात राजबाड़ी जिले के होसेनडांगा गांव में भीड़ ने एक हिंदू को मौत के घाट उतार दिया। पुलिस ने मृतक की पहचान 29 वर्षीय अमृत मंडल के तौर पर की। अमृत को भीड़ ने जबरन वसूली के आरोप पीटकर मार डाला गया।इससे पहले 18 दिसंबर को ढाका के पास हिंदू युवक दीपू चंद्र दास की भीड़ ने हत्या कर दी थी। दीपू एक फैक्ट्री में मजदूर के तौर पर काम करता था। उस पर ईशनिंदा का आरोप लगाया और भीड़ ने उसे पकड़ लिया। इसके बाद ना सिर्फ उसे बेरहमाी से मारा गया बल्कि उसके शव को भी पेड़ से बांधकर आग लगा दी गई।
UN में भी चिंता
बांग्लादेश में धार्मिक अल्पसंख्यकों को निशाना बनाए जाने पर संयुक्त राष्ट्र भी चिंतित है। संयुक्त राष्ट्र (UN) महासचिव एंटोनियो गुटेरेस के प्रवक्ता स्टीफन दुजारिक ने कहा है कि हम बांग्लादेश की स्थिति पर फिक्रमंद हैं। हम बांग्लादेश की सरकार से अपील करते हैं कि वह सभी धर्मों के नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करे।बांग्लादेश में युवा नेता उस्मान हादी की मौत के बाद हालिया दिनों में लगातार हिंसा की घटनाएं हुई हैं। इस दौरान खासतौर से दीपू चंद्रदास नाम के हिंदू युवक की भीड़ के हाथों बर्बर हत्या ने पूरी दुनिया का ध्यान खींचा है। इस घटना की यूएन के अलावा अमेरिका, भारत समेत कई देशों के नेताओं ने निंदा की है।











