भोपाल। प्रदेश में प्रतिदिन नौ लाख 67 हजार किलोग्राम दुग्ध संकलन किया जा रहा है। दुग्ध संकलन मोबाइल ऐप से होगा। इससे दुग्ध प्रदायकों को दूध की मात्रा, उसकी गुणवत्ता और मिलने वाले मूल्य की जानकारी तत्काल मिलेगी। क्षेत्र संचालन तथा विपणन कार्य में लगे मैदानी अमले की निगरानी के लिए फील्ड फोर्स मॉनीटरिंग ऐप आरंभ हो गया है।
मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव ने स्टेट को-ऑपरेटिव डेयरी फेडरेशन की राज्य स्तरीय संचालन समिति की बैठक में निर्देश दिए कि 26 हजार गांवों को डेयरी गतिविधियों में जोड़ने और प्रतिदिन 52 लाख किलोग्राम दुग्ध संकलन का लक्ष्य रखकर गतिविधियां संचालित की जाएं। दुग्ध संकलन तो बढ़ रहा है पर विपणन की चुनौती भी है। इसके लिए बड़े वितरकों से संपर्क किया जाए। समितियों में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाई जाए।
बैठक में बताया गया कि प्रदेश में दूध की गुणवत्ता में सुधार, उत्पादन में हानि को कम करने और एक समान उत्पादन सुनिश्चित करने के लिए मानक संचालन प्रक्रिया लागू की गई है। इंदौर में स्थापित 30 टन क्षमता का दुग्ध चूर्ण संयंत्र आरंभ हो चुका है। शिवपुरी में 20 हजार लीटर क्षमता के डेयरी संयंत्र और ग्वालियर डेयरी संयंत्र के सुदृढ़ीकरण का काम चल रहा है। पशु आहार संयंत्रों की क्षमता का अधिकतम उपयोग करने के लिए विशेष व्यवस्था लागू की गई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नई डेयरी प्रसंस्करण, उत्पाद निर्माण और पशु चारा संयंत्र के आधुनिकीकरण, डेयरी वैल्यू चैन के डिजीटलाइजेशन, पारदर्शिता और दुग्ध उत्पादों की बिक्री को बढ़ाने के लिए कार्ययोजना बनाई जाए। दूध और इसके उत्पादों के बिक्री में सुधार के लिए ब्रांड सुदृढ़ीकरण और नई पैकेजिंग डिजाइन कर उत्पादों की पहुंच का विस्तार, आदर्श पशुपालकों को सम्मानित करने के कार्यक्रम जिला स्तर पर कार्यक्रम आयोजित किए जाएं।











