डिजिटल क्रांति ने बदल दिया प्रॉपर्टी मार्केट, 60 साल में होने वाला काम अब 25 साल के युवा कर रहे हैं
नई दिल्ली: यह बीते जमाने की बात थी जबकि लोग रिटायर होने के वक्त मकान बनवाते थे या कोई फ्लैट खरीदते थे। जब से सस्ते ब्याज दरों पर आसानी से होम लोन मिलने लगा है तो स्थिति में आमूल-चूल परिवर्तन हो गया है। अब मकान खरीदने वालों में 90 से 95 फीसदी मिलेनियल्स (Millennials) और जेन ज़ी (Gen Z) मतलब कि युवा पीढ़ी के लोग हैं। इसका खुलासा होम लोन पर जारी एक रिपोर्ट से हुआ है।
ऑनलाइन सर्च और अप्लाई
रिपोर्ट का कहना है कि ये युवा खरीदार टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करने में माहिर हैं। 40 साल से कम उम्र के लगभग 72 प्रतिशत लोग अपना होम लोन ऑनलाइन अप्लाई करना पसंद करते हैं। उन्हें यह तरीका बहुत आसान और सुविधाजनक लगता है। वे अपने मोबाइल फोन से ही अलग-अलग लेंडर्स (लोन देने वाली कंपनियां) की तुलना कर सकते हैं, ज़रूरी कागज़ात अपलोड कर सकते हैं और अपने लोन की अर्ज़ी की स्थिति जान सकते हैं। सबसे हैरानी की बात यह है कि 60 साल से ज़्यादा उम्र के लोग भी अब डिजिटल तरीके से लोन लेने में सहज हो रहे हैं। लगभग 46 से 47 प्रतिशत बड़े-बुज़ुर्ग भी डिजिटल तरीके से लोन अप्लाई कर रहे हैं। इससे पता चलता है कि ऑनलाइन लोन देना अब आम बात हो गई है।डिजिटल क्रांति से आया बदलाव
बेसिक होम लोन के फाउंडर और सीईओ अतुल मोंगा बताते हैं "इस बदलाव की सबसे बड़ी वजह है भारत का डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन (डिजिटल क्रांति)। DigiLocker जैसे ऐप और टूल लोगों को अपने ज़रूरी कागज़ात ऑनलाइन सेव करने और शेयर करने की सुविधा देते हैं। आज, 35 साल या उससे कम उम्र के लगभग 80 प्रतिशत लोग अपने ज़्यादातर काम के लिए DigiLocker का इस्तेमाल करते हैं, खासकर होम लोन अप्लाई करते समय। इससे कागज़ों का वो पुराना लंबा और थकाऊ काम खत्म हो गया है। ऑनलाइन होने से कागज़ों का काम कम हो जाता है, लोन जल्दी अप्रूव हो जाता है और यह प्रक्रिया खरीदार और लोन देने वाली कंपनी, दोनों के लिए आसान हो जाती है।"











